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समुद्री लुटेरों ने भारत के तीन युवकों को जंगल में बनाया बंधक, मांगे 20 लाख

Fri, 23 Mar 2018 01:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)
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नाइजीरिया में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के तीन युवकों का समुद्री लुटेरों ने अपहरण कर लिया है। बदले में लुटेरों ने 11 मिलियन नायरा करेंसी (भारतीय रूपये-19 लाख 90 हजार 868) में फिरौती की मांग की है।

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मर्चेंट नेवी में तैनात तीनों युवकों को समुद्री लुटेरों ने जंगल में बंधक बना रखा है। अपहृत युवकों के घर पर आई सेटेलाइट कॉल से इस बात की जानकारी दी गई है। लुटेरे इन युवकों के घर पर सेटेलाइट फोन पर बात कराकर फिरौती की मांग पूरी करने पर जोर डाल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार विकास खंड नगरोटा सूरियां की पंचायत सुकनाड़ा का युवक सुशील पिछले दो महीने से नाइजीरिया के समुद्री लुटेरों की कैद में है।

इसके अलावा दो अन्य युवक अजय कुमार निवासी पालमपुर और पंकज नगरोटा बगवां की उस्तेहड़ पंचायत के रड गांव का रहने वाला है। मर्चेंट नेवी में तैनात सुशील पिछले 13 साल से अलग-अलग कंपनियों के साथ काम कर रहा था।

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17 समुद्री लुटेरों ने बना रखा है बंधक

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उनके समुद्री जहाज को नाइजीरिया में हाईजैक कर लिया गया। दो अन्य युवक भी उसके साथ हैं। उन्हें जंगल में रखा गया है। सुशील कुमार की 31 जनवरी को परिवार वालों से बात हुई थी। उसके बाद 12 मार्च को सेटेलाइट कॉल से सुशील ने परिवार वालों को अपहरण की पूरी जानकारी दी।

सुशील ने अपने भाई को फोन पर बताया कि 17 समुद्री लुटेरों ने बंदूक के दम पर उनको बंधक बना कर रखा हुआ है। इसके बाद कॉल काट दी। कॉल के एक दिन बाद फिर से सुशील का फोन घर पर आया। इसमें उसने लुटेरों द्वारा मांगी जा रही 11 मिलियन नायरा धनराशि की फिरौती का जिक्र किया है।

परिजनों ने सुशील की कंपनी के मालिक से बात की तो उन्होंने कहा कि वह समुद्री लुटेरों के संपर्क में हैं। उन्हें पैसे दे देंगे। तीनों युवकों के परिवार वालों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें सही सलामत भारत लाया जाए।

विदेश मंत्री का नहीं आया कोई जवाब

उसके लिए सुशील के भाई अमित धीमान ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। अभी तक उनको सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। पंकज दो बहनों का इकलौता भाई है।

पंचायत प्रधान अविनाश उपाध्याय ने बताया कि वह दो साल पहले नाइजीरिया गया था। उसके पिता की तबीयत खराब है। एसपी संतोष पटियाल ने बताया कि युवकों के अपहरण की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

सुशील के भाई विनय कुमार ने बताया कि तीन दिन में एक बार उसके भाई से समुद्री लुटेरे हमसे बात करवाते हैं। सुशील के माता-पिता और उनकी पत्नी पूजा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। बच्चे भी अपने पापा को ढूंढ रहे हैं।
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सऊदी अरब से एक माह बाद भी नहीं पहुंचा शव

लंज (कांगड़ा)। लंज के साथ लगती मनेई पंचायत के डिब्बर गांव के ओंकार सिंह पुत्र पूर्ण चंद का निधन सऊदी अरब के रियाद में 23 फरवरी को दिल का दौरा पड़ने से हो गया था, लेकिन एक माह बाद भी ओंकार का शव भारत नहीं लाया जा सका।

परिवार वालों के सारे प्रयास विफल हो गए हैैं। परिजन पिछले एक महीने से अपने बेटे की देह पहुंचने की राह देख रहे हैं। अंतिम संस्कार के लिए इंतजार की घड़ियां लंबी हो गई हैं। ओंकार के पिता की आंखें पथरा गई हैं।

उनका कहना है कि उनके बेटे का शव घर पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रयास करें। हालांकि ओंकार के बड़े भाई शमशेर सिंह खुद सऊदी अरब में नौकरी करते हैं।

उन्होंने पार्थिव देह भारत लाने की कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली है, लेकिन भारतीय दूतावास के अधिकारी कागजी कार्रवाई में देरी कर रहे हैं।
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