एचआरटीसी कर्मचारियों के 15 लाख साप्ताहिक अवकाश बहाल होंगे। इनका या तो कर्मचारियों को पैसा मिलेगा या छुट्टी दी जाएगी। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बुधवार को संयुक्त समन्वय समिति की नई कार्यकारिणी को यह आश्वासन दिया।
निगम प्रबंधन ने इन साप्ताहिक अवकाश को समाप्त करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते समिति के पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री जीएस बाली से मुलाकात की। संयुक्त समन्वय समिति ने परिवहन मंत्री को बताया कि सरकार की अधिसूचना के अनुसार 1 अक्तूबर, 2012 से आरंभिक वेतनमान उन्हीं श्रेणियों का समाप्त किया गया है, जिनका वेतनमान 1 अक्तूबर, 2012 से बढ़ाया गया है।
जब निगम में कार्यरत चालकों को 1 अक्तूबर, 2012 से कोई लाभ ही नहीं दिया गया तो उस अधिसूचना की शर्तें भी इस वर्ग पर लागू नहीं की जा सकतीं। मंत्री ने इस पर पुनर्विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
ये मांगे भी रखीं परिवहन मंत्री से
मंत्री ने एचआरटीसी आंदोलन के दौरान की गई सभी प्रकार की विभागीय कार्यवाईयों को निरस्त करने की मांग को भी मान लिया है। उन्होंने संयुक्त समन्वय समिति के साथ जल्द विस्तृत चर्चा करने के लिए निगम प्रबंधन को निर्देश दिए।
प्रतिनिधिमंडल में देवराज ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर, हितेंद्र कंवर, नानक शांडिल, हरदयाल सिंह, देशराज शर्मा, रोशन चौहान, गुलाब सिंह, विद्यासागर शर्मा, खेमेंद्र गुप्ता, किशन चंद, नीलकमल गुप्ता, दलगंजन सिंह, राजेंद्र सिंघा, पृथ्वी कायथ, हाकम सिंह और नवल किशोर आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।
ये मांगे रखीं परिवहन मंत्री से
- निगम को रोडवेज बनाया जाना
- पेंशनरों तथा कर्मचारियों के सभी देय वित्तीय लाभ जारी करना
- पेंशन के लिए प्रदेश सरकार के बजट में प्रावधान किया जाए।
- भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संगठनों की सहमति से संशोधन को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए।
- कर्मशालाओं की मरम्मत तथा रखरखाव
- समय पूरा करने वाले पीसमील को अनुबंध पर लिया जाना
- प्रत्येक कर्मचारी को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए।
- वर्दी राशि को 3000 रुपये वाषिक और धुलाई भत्ता 250 रुपये मासिक
- निजी रूट परमिट देने पर पूर्ण रोक लगाई जाए। दिये गए रूट