पंजाब के फिरोजपुर में साजिश रचकर दो लोगों के खिलाफ चिट्टा और ड्रग मनी का झूठा मुकदमा बनाने वाले और 81 लाख रुपये खुर्द-बुर्द करने के मामले में पंजाब पुलिस के तीन कर्मचारियों को पुलिस ने ऊना में पकड़ा है। तीनों आरोपियों को पंजाब पुलिस अपने साथ ले गई है। बुधवार दोपहर को ऊना के रेड लाइट चौक पर ऊना पुलिस ने स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार पंजाब पुलिस के तीन कर्मचारियों को पकड़ा। इन्हें पंजाब से आई पुलिस टीम के के हवाले कर दिया गया। तलाशी के दौरान इनसे दो सरकारी पिस्टल और 50,000 रुपये नकद बरामद हुए। इनमें दो एएसआई और एक हेड कांस्टेबल है।
आरोपियों की पहचान हवलदार जोगिंद्र सिंह निवासी फिरोजपुर शहर, एएसआई अंग्रेज सिंह निवासी नोरंग सयाल थाना सदर फिरोजपुर, एएसआई राजपाल निवासी फरोजपुर शहर पंजाब के रूप में हुई है। मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का इंचार्ज परमिंद्र सिंह अभी फरार है। इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह बाजवा, एएसआई अंग्रेज सिंह और हवलदार जोगिंदर सिंह को पहले ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। एएसआई राजपाल को बाद में मामले में नामजद किया गया था।
बता दें कि 20 जुलाई को राजस्थान के कारोबारी अशोक कुमार का कर्मचारी गौतम पारिक मोगा से 86 लाख रुपये की नकदी लेकर जा रहा था। उसने लुधियाना से बीकानेर के लिए टैक्सी ली। इसमें कमलजीत चालक था। टैक्सी को फिरोजपुर में नारकोटिक्स कंट्रोल सेल की टीम ने जांच के लिए रोका। टीम ने एक किलो चिट्टा (हेरोइन) और 5 लाख रुपये की बरामदगी दिखाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गौतम का मोबाइल बंद होने पर व्यापारी अशोक ने छानबीन की तो पता चला कि 81 लाख रुपये गायब हैं। नशा तस्करी का केस दर्ज किया गया है। व्यापारी अशोक कुमार के भाई भंवर लाल पारिक ने डीजीपी पंजाब से शिकायत की। जांच में नशा तस्करी का झूठा केस गढ़ने का मामला सामने आया। पंजाब पुलिस के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसका पता चलते ही आरोपी भूमिगत हो गए। इनके पीछे पुलिस लगी थी। आरोपियों को ऊना में पकड़ लिया गया।
उधर, डीएसपी गुरहरसाय यादविंद्र सिंह ने बताया कि फिरोजपुर थाना में दर्ज एक केस में तीन आरोपी ऊना से पकड़े हैं। फिलहाल ड्रग मनी को लेकर क्लीयर नहीं है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना प्रवीण धीमान ने बताया कि पंजाब पुलिस ने मदद मांगी थी। नाकाबंदी कर आरोपियों को पकड़कर पंजाब पुलिस के हवाले किया है।