किसी तरह से टिप्पर के नीचे फंसे दोनों युवकों को निकालकर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। 20 वर्षीय अनिल पुत्र गीता राम की पांवटा अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई जबकि तीसरे घायल 30 वर्षीय कमलेश पुत्र नरेश धीमान ने देहरादून अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
शिलाई पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सोमवार को तीनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा गया। थाना प्रभारी अशोक नेगी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। उनके अनुसार तीनों युवक टिंबी से उतराऊ के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
कोटला (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी एनएच पर त्रिलोकपुर में बड़ा हादसा टल गया। त्रिलोकपुर में जहां एनएच धंसा है, वहीं से टिपर लुढ़ककर नीचे गिर गया। चालक ने छलांग लगाकर जान बचाई। जानकारी के अनुसार यह हादसा सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ। टिपर जब धंसे हुए एनएच के पास से गुजरने लगा, तो नीचे की ओर से जमीन बैठ गई और टिपर धीरे-धीरे नीचे गिरने लगा।
चालक ने छलांग लगाकर जान बचाई। इसके बाद एनएच पर वाहनों की आवाजाही बिल्कुल बंद है। पुलिस चौकी कोटला की टीम मौके पर मौजूद रही। उन्होंनेे वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। हादसे के बाद सभी वाहन 32 मील-त्रिलोकपुर-सोहल्दा-कोटला संपर्क मार्ग से होकर आ जा रहे हैं। इस कारण संपर्क मार्ग पर भी लंबा जाम लग रहा है।
इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री तो 32 मील एवं सोहल्दा से पैदल चलकर कोटला पहुंचे। उधर, कोटला चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार ने कहा कि त्रिलोकपुर में सड़क धंसने के कारण एनएच से वाहनों की आवाजाही बंद है। वाहनों को संपर्क सड़क से निकाला जा रहा है।
बता दें कि पठानकोट-मंडी एनएच पर त्रिलोकपुर के पास 30 अगस्त को डंगा धंसा है। तब से लेकर अभी तक इस मार्ग की हालत ठीक नहीं हुई है। एनएच विभाग की दो जेसीबी मौके पर पहाड़ी से मलबा हटाने में लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद ही पड़ा है।