तीसरा चरण डेमूल से शुरू होगा और लंगजा गांव में समापन होगा। इस दौरान प्रतिभागियों को 16 हजार फीट की ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन की चुनौती का सामना करना होगा। वे 25 किमी का रास्ता नापेंगे।
रैली के साथ मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। थकचेन यूथ क्लब ताबो के प्रधान सुरेश बौद्ध और महासचिव फुंचोग छेरिंग ने बताया कि तीनों चरण के दौरान पर्यावरण असंतुलन, सस्टेनेबल इको टूरिज्म, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और पारंपरिक पोटरी के संदर्भ में सेमीनार भी लगाया जाएगा।
क्लाइमेट प्रोजेक्ट फाउंडेशन, थकचेन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल क्लब ताबो और यलो पीक हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का भी सहयोग रहेगा। उधर, काजा के एसडीएम एवं पर्यटन अधिकारी का कार्यभार देख रहे जीवन नेगी कहा कि युवाओं की पहल सराहनीय है।