राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हॉलीलॉज में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने छह दशक के अपने राजनीतिक जीवन में प्रदेश में मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री के रूप में अहम योगदान दिया। कड़े संघर्ष और मजबूती के साथ पहाड़ी क्षेत्रों का विकास किया।
इतने वरिष्ठ नेता का निधन प्रदेश के लिए दुखद है। वे अंतिम बार उनसे मिले तो बड़े प्रेम और शांति से उनसे बातचीत की। मैं उनके निधन पर दुख प्रकट करता हूं, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को इस दुख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
धर्मगुरु दलाईलामा ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को पत्र लिखकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। दलाईलामा ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने स्वयं को दूसरों की सेवा करने के लिए समर्पित किया था। साथ ही एक लंबा और सार्थक जीवन व्यतीत किया। उन्होंने वीरभद्र सिंह द्वारा लोगों की आवश्यकताओं को प्रेम और करुणा भाव से सुनने की भी प्रशंसा की।
कहा कि कई वर्षों से हम एक दूसरे को जानते थे तथा इस दौरान उन्होंने मेरे प्रति अपनत्व भाव से जो मित्रता रखी उसके लिए व्यक्तिगत रूप से आभारी हूं। आगे कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से बुशहर की पूर्ववर्ती रियासत के पड़ोसी पश्चिमी तिब्बत के लोगों के बीच उनका घनिष्ठ संबंध था। कहा कि हिमाचल प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में वीरभद्र सिंह बहुत याद किए जाएंगे।