इस कमेटी में नजदीकी स्कूलों के दो प्रिंसिपलों, उपनिदेशक कार्यालय के एक अधीक्षक और एक वरिष्ठ सहायक को सदस्य बनाया गया है। यह तीनों कमेटियां अपने-अपने जिलों में स्थित निजी स्कूलों का निरीक्षण करेंगी।
उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि जिला मुख्यालयों में स्थित निजी स्कूलों की रिपोर्ट 11 अप्रैल को निदेशालय में देने को कहा गया है जबकि उपमंडल स्तर के स्कूलों की रिपोर्ट 22 अप्रैल तक मांगी गई है।
नर्सरी से लेकर जमा दो कक्षा तक बीते साल के मुकाबले इस बार कितनी हुई फीस बढ़ोतरी।
सरकार से मंजूरी लिए बिना कितने स्कूल परिसरों में बेची जा रही ड्रेस और स्टेशनरी।
विद्यार्थियों को दी जा रही ट्रांसपोर्ट सुविधा के लिए कितनी वसूली जा रही है फीस।
कितने स्कूलों में अभी तक गठित नहीं की गई है पेरेंट्स एंड टीचर एसोसिएशन।