फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में हजारों गुमनाम चेहरों ने छोड़ी गैस सब्सिडी

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल में हजारों रसोई गैस उपभोक्ताओं ने सब्सिडी छोड़ दी है। सब्सिडी छोड़ने वाले लोगों ने न तो राजनीतिक दबाव के चलते यह फैसला लिया है और न ही सुर्खियों में आने की इन्हें कोई चाह है। प्रदेश में 4,467 रसोई गैस उपभोक्ताओं ने अब तक सब्सिडी की राशि नहीं लेने के फार्म भर दिए हैं। राजधानी शिमला के फागली में रहने वाले जेडके मर्चेंट ने सब्सिडी छोड़ने के लिए ऑनलाइन फार्म भरा है।
विज्ञापन


60 वर्षीय मर्चेंट कहते हैं कि मुझे सब्सिडी की जरूरत नहीं है। मेरे सब्सिडी छोड़ने से किसी गरीब को मदद मिल सकेगी। न्यू शिमला के धर्मपाल रेड्डी का कहना है कि मेरा सैलरी पैकेज ठीक है। सब्सिडी लेने को मन नहीं माना। फागली के रत्न चंद एचआरटीसी से सेवानिवृत्त हैं। इन्होंने भी सब्सिडी छोड़ दी है।

'इतना कमा लेते हैं फिर दूसरों का हक क्यों छीने'

अनाडेल के संधीर चौहान ने भी सब्सिडी लेने से इंकार किया है। छोटा शिमला के राज कृष्ण सरकारी सेवा में हैं। इन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी इतना कमा लेते हैं, जिसमें परिवार का गुजारा अच्छे से हो सके। उन्होंने कहा कि बचपन में मैने अपनी मां को लकड़ियां जलाकर धुएं से जूझते हुए खाना बनाते हुए देखा है। इस बात को जहन में रखकर मैने सब्सिडी नहीं लेने का फैसला लिया है। शिमला शहर के पूर्व विधायक और नगर निगम के पहले महापौर आदर्श सूद ने करीब डेढ़ साल पहले ही सब्सिडी छोड़ दी है।

उनका कहना है कि सब्सिडी शब्द गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया है। ऐसे में हमें सब्सिडी लेने का कोई हक नहीं है। इंडियन आयल कारपोरेशन की प्रबंधक मानसी डुल्लू ने प्रदेश के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए धन संपन्न लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की है।उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

वेबसाइट पर ऑनलाइन छोड़ सकते हैं सब्सिडी

केंद्र सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं से जनहित में गैस सब्सिडी की राशि नहीं लेने की अपील की है। सब्सिडी सरेंडर करने वाले उपभोक्ताओं को गैस कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर जानकारी देनी होगी। इसके अलावा गैस एजेंसियों में जाकर भी लोग सब्सिडी सरेंडर करने का फार्म भर सकते हैं। केंद्र सरकार की अपील है कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को सब्सिडी लेने से इंकार करना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल सहित कई भाजपा विधायकों ने रसोई गैस सब्सिडी को सरेंडर कर दिया है। शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज, रणधीर शर्मा, पूर्व मंत्री राम लाल मारकंडे, भाजपा अध्यक्ष और ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती, नादौन के विधायक विजय कुमार अग्निहोत्री, सुजानपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर।

शिलाई से विधायक बलदेव तोमर, भटियात से विधायक विक्रम सिंह जरयाल, झंडूता से विधायक रिखीराम कौंडल, इंदौरा से विधायक मनोहर धीमान, अर्की से विधायक गोविंद शमा, नालागढ़ से विधायक कृष्णलाल ठाकुर, जोगिंद्रनगर से विधायक गुलाब सिंह ठाकुर और जसवां-परागपुर से विधायक विक्रम ठाकुर ने रसोई गैस सब्सिडी नहीं लेने का फार्म भरा है।
विज्ञापन

मंत्री सुधीर शर्मा ने भी भर दिया फार्म

प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने भी रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी छोड़ दी है। राजधानी स्थित बेस्ट गैस कंपनी में सुधीर शर्मा के नाम से गैस कनेक्शन हैं। मंत्री ने बीते दिनों फार्म भर कर सब्सिडी छोड़ी है।

बाली आज कर सकते हैं घोषणा- प्रदेश के परिवहन मंत्री जीएस बाली सब्सिडी छोड़ने की घोषणा अपने जन्मदिन 27 जुलाई को कर सकते हैं। 27 को बाली नगरोटा बगवां में एक रैली को संबोधित करेंगे। बीते दिनों बाली ने सब्सिडी छोड़ने की बात कही थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें