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Shardiya Navratri: हिमाचल के शक्तिपीठों में गूंजे मां के जयकारे, नवरात्र के पहले दिन हजारों ने टेका माथा

Mon, 26 Sep 2022 09:19 PM IST
Krishan Singh धर्मशाला/भरवाईं (ऊना)/श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)

सार

कांगड़ा के तीनों प्रमुख शक्तिपीठों ज्वालामुखी, बज्रेश्वरी धाम और चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 26 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
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शक्तिपीठों में गूंजे मां के जयकारे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 शारदीय नवरात्रों के पहले दिन सोमवार को हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका।  कांगड़ा के तीनों प्रमुख शक्तिपीठों ज्वालामुखी, बज्रेश्वरी धाम और चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 26 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए सुबह पांच बजे ही खुल गए थे। तीनों शक्तिपीठों में दिन भर मां के जयकारे लगते रहे। ज्वालामुखी मंदिर में 12 हजार, बज्रेश्वरी धाम कांगड़ा में 6,000 और चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 8,000 श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी। इधर, बिलासपुर के नयनादेवी मंदिर में पहले नवरात्र को 11,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। ऊना के मां चिंतपूर्णी मंदिर में शाम छह बजे तक 14,000 भक्तों ने माथा टेका। 

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पहले नवरात्र में ही मां चिंतपूर्णी के दरबार लगा भक्तों का तांता
प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में सोमवार को पहले नवरात्र में ही भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुबह 4:00 बजे ही खोल दिए गए। कपाट खुलते ही श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए। शाम 6:00 बजे तक 14,000 से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में शीश नवा चुके थे। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए मां के दरबार पहुंचे। सुबह 11:00 बजे श्रद्धालुओं की कतारें पुराने बस अड्डे तक पहुंच गई। वहीं, मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह जगह पर होमगार्ड जवान तैनात हैं। भीड़ को देखते हुए होमगार्ड जवान मंदिर परिसर में बड़ी देर तक श्रद्धालुओं को बैठने नहीं दे रहे हैं। जल्दी जल्दी भीड़ को मंदिर से निकाला जा रहा है। मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों की जेबकतरों पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं। मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि सभी व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए मंदिर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। शारदीय नवरात्रों के पहले दिन एसडीएम व मेला अधिकारी डाक्टर मदन कुमार ने दोपहर के समय चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचकर प्रबंधों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेले में तैनात सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और मंदिर में तैनात अधिकारियों के साथ बैठक की। 


राज्यपाल सहित हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां श्री नयना देवी जी के दर्शन
 विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में सोमवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो गए। इस मौके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने माता जी की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अलावा करीब 11,000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे जत्थों में मंदिर तक भेजा गया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से पुजारी अमित शर्मा ने विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करवाई। राज्यपाल के आगमन को लेकर मंदिर न्यास ने पुख्ता बंदोबस्त किए थे। उपायुक्त पंकज राय और पुलिस अधीक्षक एसआर राणा भी इस मौके पर मौजूद रहे। मंदिर न्यास की ओर से राज्यपाल को माता की चुनरी, फोटो और प्रसाद भेंट किया गया। श्रद्धालुओं के लिए पहले नवरात्र पर सुबह 4:00 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। हालांकि मंगलवार से मंदिर के कपाट रात 2:00 बजे से खोले जाएंगे। सोमवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु नवरात्र पूजन के लिए माता के दरबार में पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं ने हवन किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करके अपने घर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। हालांकि मंदिर में प्रसाद ले जाने पर प्रतिबंध रहा। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा जवान तैनात रहे। इसके अलावा मंदिर में सेवानिवृत्त सैनिक भी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। मेला अधिकारी राजकुमार ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए लाइनों में ही माता के दर्शन करवाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे जत्थों में रोककर मंदिर भेजा जा रहा है।

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