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इन कर्मचारियों के लिए खुशियां लाएगा अप्रैल महीना

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हिमाचल प्रदेश के हजारों कर्मचारियों के लिए एक अप्रैल की सुबह से एक नई शुरूआत होगी। 31 मार्च 2015 को पांच साल की सेवा पूरी करने वाले तकरीबन साढ़े तीन हजार अनुबंध कर्मियों को नियमित किया जाएगा।
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सात सात की सेवा पूरी करने वाले हजारों दैनिक वेतन भोगियों को भी नियमित किया जाएगा। जबकि, आठ साल नौकरी करने वाले 10 हजार अंशकालिक कर्मियों को दैनिक भोगी बनाया जाएगा।

मंगलवार को विधानसभा में बजट पास किया जाएगा, जिसके बाद से सरकार की ओर से अप्रैल माह में ताबड़तोड़ बजट घोषणाओं को पूरा करने के लिए आदेश जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से 18 मार्च को सदन में पेश किए गए बजट में कई अहम घोषणाए की गई है, जोकि प्रदेश में एक अप्रैल 2015 से लागू हो जाएगी।
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पहली अप्रैल से ये बदलाव होंगे

- करीब 36 हजार आंगनबाड़ी कर्मचारियों का मानदेय 50 फीसदी बढ़ेगा।
- जलवाहकों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 1700 रुपये किया गया।
- हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से 10 रुपये बढ़ेगी दिहाड़ी मजदूरी।
- अपंग, वृद्ध, एवं विधवाओं की सुरक्षा पेंशन 550 से बढ़कर 600 रुपये होगी।
- वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रतिमाह 100 रुपये बढ़ेगी।
- प्रदेश की बेटियों की छात्रवृत्ति में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी।
- छह साल तक की आयु की सभी बेटियों की फ्री में चिकित्सा सुविधा।
- महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय मदद 2500 से बढ़ाकर पांच हजार होगी।
- महिलाओं को सिलाई मशीन खरीद में मदद राशि 12 सौ से बढ़ाकर 15 सौ होगी।
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अनुबंध सहायक प्रोफेसरों ने उठाई ये मांगें

वहीं, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित सरकारी महाविद्यालय सहायक प्रोफेसर (अनुबंध आधारित) संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से उनके आवास और कार्यालय में मिला। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 31 मार्च को पांच साल पूरा कर चुके अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने के फैसले का स्वागत किया और आभार जताया।

साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पांच वर्ष सेवाकाल की अवधि उनके नियुक्ति तिथि से की जाए। उनके मुताबिक लगभग 200 ऐसे सहायक प्रोफेसर है जिनके पांच वर्ष जून 2015 को होने हैं, उन्होंने मांग की है कि नियुक्तिकरण की पांच वर्ष की सेवा अवधि उनके नियुक्ति तिथि से ली जाए ताकि उन्हें आठ से 9 माह का वित्तीय नुकसान न उठाना पड़े।

संगठन के सचिव डॉ. सतीष कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि अयोग के माध्यम से चयनित सहायक प्रोफेसरों की एड्वरटाइजमेंट डेट एक ही है। परंतु नियुक्ति तिथि के अलग-2 होने की वजह से कर्मचारियों से भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। अत: सरकार से मांग की गई है कि 31 मार्च के राइडर को हटाकर नियुक्ति तिथि से नियमतिकरण का लाभ दिया जाए।
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