फल मंडियों में 1.79 करोड़ पेटियों का हुआ कारोबार
मौसम अनुकूल रहने से बढ़ी सेब की पैदावार, बागवानों को मिले दाम कम
भारती शर्मा
शिमला। कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) शिमला-किन्नौर की जिला की फल मंडियों में सेब सीजन पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इस वर्ष एपीएमसी में बीते वर्ष की तुलना में 58 लाख 22 हजार 951 अधिक सेब की पेटियों का कारोबार किया।
मौसम अनुकूल रहने के कारण सेब की पैदावार बढ़ी, लेकिन मंडियों में कम दाम मिलने से बागवानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। बीते वर्ष 20 किलो की सेब की पेटी अधिकतम 5 हजार रुपये में बिकी थी। इस वर्ष इसकी कीमत अधिकतर 4,200 रुपये रही। वहीं सरकार ने एमआईएस के तहत सेब खरीद केंद्र देर से खोले। इससे कम गुणवत्ता का सेब मार्केट में आया और दाम गिरने का कारण बना।
10 अक्तूबर तक सभी लदानी फल मंडी से जा चुके हैं। एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 10 अक्तूबर तक फल मंडियों में 1 करोड़ 79 लाख 23 हजार 908 पेटियों का कारोबार हुआ। इसमें मार्केटिंग यार्ड के अंदर 74 लाख 77 हजार 658 और बाहर 1 करोड़ 4 लाख 46 हजार 250 पेटियां पहुंची। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1 करोड़ 21 लाख 957 पेटियां था।
आढ़तियों के अनुसार इस वर्ष जिला में सेब सीजन बीते वर्ष की तुलना में जल्दी शुरू और जल्दी खत्म हुआ। हालांकि किन्नौर जिले की टापरी फल मंडी में अभी भी सेब की फसल पहुंच रही है।
कम मिले दाम : देवानंद वर्मा
बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष एपीएमसी में ज्यादा सेब की पेटियों का कारोबार हुआ। ऊपरी शिमला से ज्यादा सेब मंडी में पहुंची। फसल ज्यादा होने के कारण इस वर्ष बागवानों को दाम थोड़े कम मिले। हालांकि निचले और मध्यम इलाकों के बागवानों को अच्छे दाम मिले।
-देवानंद वर्मा, चेयरमैन, एपीएमसी शिमला-किन्नौर
कहां कितना पहुंचा सेब
मंडियां
2024
2025
भट्ठाकुफर
1,121,702
1,137,381
पराला
2,171,170
2,851,065
नेरवा
28,486
60,058
मेंहदली
1,892,512
2,332,617
खड़ा पत्थर
76,572
102,892
टापरी 257,617
302,377
अणु
0
21,355
शिलारू
0
669,933
(नोट: दोनों वर्ष के आंकड़े 10 अक्तूबर तक हैं।)