स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए राजधानी के लोगों ने होली पर स्वाइन फ्लू दहन की योजना बनाई है। होलिका दहन के अवसर पर लोगों ने कपूर, इलायची और लांग जलाने की तैयारी की है।
तर्क दिया जा रहा है कि कपूर, इलायची और लांग को जगह-जगह साथ मिलकर जलाने से जहां वातावरण शुद्ध होगा, वहीं रोगों का भी नाश होगा।
होलिका दहन पर किए जाने वाले इस अनूठे प्रयास को लेकर इन दिनों व्हाट्सअप ग्रुप और फेसबुक पर जमकर प्रचार किया जा रहा है।
वेदों में भी है इसका उल्लेख
पंचमुखी हनुमान मंदिर केलटी के पुजारी पंडित संजय शास्त्री ने बताया है कि सभी वेदों में इस बात का जिक्र है कि कपूर, इलायची आदि हवन सामग्री से वातावरण शुद्ध होता है। कपूर से देवताओं की आरती भी की जाती है। कपूर बेहद पवित्र माना जाता है।