भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन (फाइल फोटो)
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भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन निर्माण के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से दूसरे फेज के अंतिम और तीसरे फेज के पहले चरण के लिए एफसीए (फॉरेस्ट कंजरवेशन एक्ट) की मंजूरी मिल गई है। तीसरे फेज में 28 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को तैयार करने के लिए करीब 21,303 पेड़ कटेंगे। रेल विकास निगम लिमिटेड ने मार्च 2021 तक इसका 15 फीसदी कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। 24 किलोमीटर ट्रैक के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब तक इस परियोजना पर करीब 875 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इस ट्रैक की अनुमानित लागत 6753 करोड़ है।
सामरिक लिहाज के इस राष्ट्रीय रेललाइन प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए दूसरे फेज में बैहल से जकातखाना तक 14 किलोमीटर और उसके आगे तीसरे फेज के लिए जकातखाना से बघ्यात तक भी 14 किलोमीटर रेललाइन की करीब 85.6379 हेक्टेयर भूमि के एफसीए केस को मंत्रालय ने मंजूरी दी है, जिसमें वन भूमि पर करीब 21,303 पेड़ कटेंगे। दूसरे फेज में 56.36 हेक्टेयर में 12160 पेड़ और तीसरे फेज में 29.6343 हेक्टेयर भूमि को स्वीकृति मिली है, जिसमें 9143 पेड़ों का कटान होगा।
कुल मिलाकर अब तक पंजाब से बध्यात तक करीब 52 किलोमीटर ट्रैक के लिए एफसीए से क्लीयरेंस हो मिल गई है। इसकी पुष्टि वन मंत्रालय के देहरादून कार्यालय के तकनीक निदेशक योगेश गैरोला ने की है। इस रेललाइन का जनवरी तक आठ फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
वहीं रेल विकास निगम ने मार्च 2021 तक इसे 15 फीसदी पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मार्च 2025 तक इसे 25 फीसदी पूरा करना है। इसके निर्माण कार्य पर 2020-21 में 420 करोड़ राशि खर्च करने का लक्ष्य है। डीएफओ बिलासपुर अवनी भूषण राय ने बताया कि 85.6379 हेक्टेयर भूमि के एफसीए केस को पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।