भाजपा विधायक विक्रम जरयाल ने कहा कि उन्हें तो शुरू में ही मंत्री बनाया जा रहा था। उन्हें राजभवन से फोन आया था कि वह शपथ लेने शिमला आएं। यही नहीं, उन्हें संस्कृत में शपथ लेने को भी कहा गया। शपथ पत्र उन्हें पकड़वाया भी गया, जिससे उन्होंने आज भी संभालकर रखा हुआ है। जरयाल ने कहा कि वह चंबा से शिमला आ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष या मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उन्होंने हाल ही में इस बारे में कोई बात नहीं की है। इस बारे में बात करने की जरूरत ही नहीं है, सब जानते हैं कि उनके साथ क्या हुआ।
सचिवालय में मंत्रियों के लिए रखे हैं दो कमरे
शिमला। प्रदेश सरकार में एक या फिर दो मंत्री बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसे देखते हुए सचिवालय सामान्य प्रशासन ने कमरा नंबर -112 और 212 स्पेयर रखे हैं। यह इसलिए है कि सरकार कभी भी मंत्री के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। इसके चलते सचिवालय सामान्य प्रशासन ने अपनी तैयारियां पहले से ही पूरी करके रखी हैं। मंत्रियों, सचिवों और मुख्यमंत्री के ओएसडी के लिए कमरे उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी सचिवालय के सामान्य प्रशासन विभाग की रहती है। बताया जा रहा है कि सोमवार को इन कमरों का निरीक्षण भी किया गया।