हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों के युक्तिकरण के लिए जिलों से डाटा तलब किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से हर स्कूल में पर्याप्त स्टाफ देने की तैयारी है। बैचवाइज और सीधी भर्ती से नए साल में प्रदेश को अलग-अलग श्रेणियों के 4,000 शिक्षक मिलेंगे। इन शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। शहरों के सटे स्कूलों में बीते कई वर्षों से डटे शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में भेजने के लिए सरकार नए साल से सख्ती करने जा रही है। शिक्षकों के युक्तिकरण के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों से रिकॉर्ड तलब किया है।
ऐसे स्कूलों की सूची मांगी है जहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों का ब्योरा भी मांगा गया है। उन शिक्षकों की सूची भी मांगी है जो लंबे से आपसी सहमति से दो-तीन स्कूलों में भी तबादले करवाते रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शिक्षा का स्तर मजबूत करने के लिए कड़े फैसले लेने को कहा है। इसी कड़ी में युक्तिकरण की प्रक्रिया को शुरू किया है। जल्द ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का बड़ा कारण शिक्षकों के रिक्त पद हैं। सरकार का प्रयास है कि आगामी वर्ष से प्रदेश में ऐसा कोई भी स्कूल नहीं रहना चाहिए जहां शिक्षकों की कमी हो।