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Himachal: चीन सीमा से सटे क्षेत्रों में नहीं होगी मोबाइल सिगनल की दिक्कत, लगेंगे 1,000 फोर जी टावर

Fri, 26 Aug 2022 10:25 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश सरकार बीएसएनएल के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा कहां-कहां इन टावरों को लगाया जाना है, यह भी प्रदेश सरकार तय करेगी। सीमा पर तैनात जवानों और स्थानीय लोगों को इसका फायदा होगा।
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फोर जी इंटरनेट(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चीन सीमा से सटे और प्रदेश के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में अब मोबाइल सिगनल की दिक्कत नहीं होगी। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) इन क्षेत्रों में 1,000 फोर जी टावर लगाने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार बीएसएनएल के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा कहां-कहां इन टावरों को लगाया जाना है, यह भी प्रदेश सरकार तय करेगी। सीमा पर तैनात जवानों और स्थानीय लोगों को इसका फायदा होगा। इस पर 270 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होने का अनुमान है। राज्य सरकार ने वाइब्रेंट विलेजिज प्रोग्राम के तहत केंद्र सरकार को इसका प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में सीमा से सटे गांवों में बच्चों के लिए आधुनिक स्कूलों का निर्माण करना शामिल किया गया है, ताकि बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके अलावा इन क्षेत्रों में लोगों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा भी सुदृढ़ की जाएगी। वाइब्रेंट विलेजिज प्रोग्राम के तहत हाल ही में प्रदेश सरकार की केंद्र सरकार के साथ वर्चुअली बैठक हो चुकी है। अब प्रदेश सरकार को केंद्र से गाइडलाइन आने का इंतजार है।

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यही नहीं, चीन सीमा के साथ लगते क्षेत्रों और दुर्गम गांवों में सड़कें चकाचक होंगी, जबकि बिजली और पानी की भी कोई किल्लत नहीं होगी। गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा से सटे लाहौल-स्पीति जिले के समदो, सरचू और किन्नौर के छितकुल और साथ लगते क्षेत्रों में छह पुलिस चेक पोस्टें स्थापित किए जाने का भी प्रस्ताव है। पर्यटन की दृष्टि से इन गांवों को विकसित किया जाना है, ताकि युवाओं को घर-द्वार ही रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्हें रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। चीन सीमा से सटे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों का रहना भी जरूरी है, ताकि चीन की हरकतों का पता चलता रहे। बर्फ बारी के दौरान ये गांव कई दिनों तक जिला मुख्यालयों से कटे रहते हैं। इन सभी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार चीन से लगते हिमाचल प्रदेश समेत सभी उत्तर भारत के गांवों का आधारभूत ढांचा विकसित करना चाहती है। 

चीन सीमा से सटे और प्रदेश के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में फोर जी के 1,000 टावर लगाए जाएंगे। सीमा से सटे गांव में लोगों को हर मूलभूत सुविधा मिलेगी। केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है। कुछ दिनों में इसकी गाइडलाइन आनी है।  - आरडी धीमान, मुख्य सचिव 
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वर्ष 2024 तक टावर लगाने का है लक्ष्य
चीन सीमा से सटे और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में वर्ष 2024 तक मोबाइल टावर लगाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश सरकार इस योजना को जल्द सिरे चढ़ाना चाह रही है, ताकि सेना के साथ-साथ स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सके। लगातार केंद्रीय मंत्रालय से इसको लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में टावर के अलावा ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाई जानी है। 

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