गौरतलब है कि चंबा के एक परीक्षा केंद्र में 10वीं की परीक्षा की जगह 12वीं कक्षा की अंग्रेजी के प्रश्नपत्र खोल दिए थे, जिसके बाद 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा स्थगित कर बाद में ली गई थी। इसके बाद बोर्ड की ओर से स्थगित पेपर वाली गलत ओएमआर शीट जांचने के चलते अंग्रेजी में विद्यार्थियों को कम अंक दिए थे। 17 मई को घोषित परिणाम में बोर्ड की इस गलती से 4,722 विद्यार्थी अंग्रेजी विषय में फेल घोषित कर दिए गए थे। बाद में 21 मई को संशोधित परिणाम जारी हुआ, जिसमें ये सभी विद्यार्थी पास हो गए। शिक्षा मंत्री ने बताया कि जब यह मामला उनके संज्ञान में आया, तब वह कांगड़ा के दौरे पर थे। उन्होंने तुरंत बोर्ड सचिव और अध्यक्ष से बात कर पूरे मामले की जांच कर सही परिणाम जारी करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि किन्नौर, शिमला, सिरमौर जिलों में टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल के कई पद वर्षों से रिक्त थे, जिन्हें अब बैचवाइज भरा गया है। साथ ही 3,100 पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरने के लिए चयन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द भर्तियां शुरू करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जैसे जिलों में स्टाफ सरप्लस है, जबकि शिमला, चंबा और अन्य दूरदराज के जिलों में रिक्तियां हैं। युक्तिकरण नीति के तहत इन जिलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। जून में प्रस्तावित बैठक में इस नीति की दोबारा समीक्षा की जाएगी। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात असंतुलित है, जिसे संतुलित करने के प्रयास भी जारी हैं।