लाहौल में हेयर कटिंग से पहले ट्रिमर सेट करता व्यक्ति।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के लाहौल में बच्चों, युवाओं और बड़ों में हेयर स्टाइल बनाए रखने के लिए ट्रिमर का क्रेज है। घाटी के लोग यहां की दुकानों में उपलब्ध विभिन्न कंपनियों के ट्रिमर को पांच सौ से पांच हजार रुपये तक खर्च कर खरीद रहे हैं। केलांग और उदयपुर बाजार को छोड़कर घाटी में 175 किमी के दायरे में दूसरी जगह में हेयर सैलून नहीं है। इसके अलावा लाहौल घाटी में केवल एक ही पेट्रोल पंप है। यह भी बर्फबारी के दौरान हिमखंड गिरने से कई दिन बंद रहता है। वाहन चालक पेट्रोल या डीजल के कैन साथ लेकर चलते हैं।
कोरोना महामारी ने समूचे देश, प्रदेश में लंबे समय तक हेयर सैलून बंद करवाए थे। त्रिलोकनाथ क्षेत्र के युवा राम सिंह, सुनील कुमार, परवेश, पट्टन घाटी के राजेंद्र लाल, प्रेम जीत, दिनेश कुमार, सतपाल, गणेश, चंद्रावल के सुमित और मनोज ने कहा कि लाहौल घाटी में केलांग और उदयपुर बाजार को छोड़कर कहीं भी हेयर सैलून नहीं है। बर्फबारी के बीच घाटी के लोग अनावश्यक कार्य से घर के बाहर नहीं निकलते। विकट परिस्थिति में बाल काटने का ट्रिमर एक बेहतर विकल्प है। जिससे बच्चे से लेकर बूढ़े तक घर पर ही मनचाहे अंदाज में बाल काट सकते हैं।