शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में स्टूडेंट्स फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी (शोध) इकाई ने भारतीय रणनीतिक चिंतन पर केंद्रित विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। इसमें चाणक्य से मोदी की रणनीतिक सोच पर मंथन किया गया। एमबीए विभाग के सम्मेलन कक्ष में हुए इस कार्यक्रम में प्राचीन से आधुनिक दौर तक भारत की रणनीतिक सोच की निरंतरता पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता के रूप में सीडीओई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जोगिंदर सकलानी ने भारतीय रणनीतिक संस्कृति के ऐतिहासिक आधार और उसके वर्तमान प्रभावों को स्पष्ट किया। डॉ. सकलानी ने प्राचीन ग्रंथों और वैश्विक रणनीतिक विचारों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया। संवाद