सर्दी के मौसम को देखते हुए अब जिला कुल्लू में सैलानी ट्रैकिंग नहीं कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी है। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण कुल्लू के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने मंगलवार को इस बारे में आदेश जारी किए हैं। कहा कि ट्रैकिंग के शौकीन बर्फबारी के दौरान या उसके बाद जिले की चोटियों पर पर्वतारोहण के लिए आते हैं। पिछले अनुभवों से पता चला है कि सर्दियों के मौसम के दौरान मौसम में तेजी से परिवर्तन होता रहता है, जिससे ट्रैकिंग करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो जाता है। इसी को देखते हुए ट्रैकिंग व पर्वतारोहण की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत जिला कुल्लू जिला के अधिकार क्षेत्र में 3,500 मीटर से अधिक ऊंची किसी भी चोटियों या दर्रों पर ट्रैकिंग गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। कहा कि पर्वतारोहण गतिविधियों को शुरू करने के इच्छुक टूर ऑपरेटरों और टीम लीडरों को अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संबद्ध खेल संस्थान मनाली के अलावा पुलिस अधीक्षक कुल्लू, जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू और संबंधित एसडीएम को इसकी सूचना देनी होगी। वहीं भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (आईएमएफ) की अनुमति लेनी जरूरी होंगी। बता दें कि ट्रैकिंग व पर्वतारोहण के लिए कुल्लू घाटी प्रसिद्ध है और यहां ट्रैकिंग करते हुए कई लोग लापता हो जाते हैं। वहीं बर्फबारी में इसकी तलाश करना भी जोखिम भरा रहता है।