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Shimla News: पीएचडी में ईडब्लूएस के लिए कोई सीटें आरक्षित नहीं

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एसएफआई ने हिमाचल विवि के समक्ष उठाया मामला, पूछा-कमजोर वर्ग को कैसे भूल गई सरकार
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डीएस को मांगपत्र सौंपकर उठाईं छात्रों की मांगें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के विभिन्न विभागों में जारी पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया में एक भी विभाग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) श्रेणी के लिए सीटें आरक्षित नहीं रखी हैं। एसएफआई की विवि इकाई ने सोमवार को विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम के समक्ष यह मामला उठाया।

संगठन नेताओं का आरोप है कि सभी विभागों में सुपरन्यूमरेरी (अतिरिक्त संख्या) सीटों को विज्ञापित कर भरा जा रहा है, जिसमें चहेतों को प्रवेश मिलेगा। डीएस को सौंपे मांगपत्र में इकाई उपाध्यक्ष योगी और सचिव रितेश ने कहा कि ईडब्लूएस श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए सीटें विज्ञापित न करने से इस श्रेणी के विद्यार्थियों में निराशा है। इस श्रेणी के लिए सीटें आरक्षित न रखकर विश्वविद्यालय ने 103वें संवैधानिक संशोधन को दरकिनार किया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला खनियारा में पीजी की जारी प्रवेश प्रक्रिया में लोक प्रशासन विभाग की नियमित कक्षाएं न लगाए जाने पर भी रोष व्यक्त किया।
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दो सालों से यहां बैच नहीं बिठाया जा रहा है। खनियारा में लोक प्रशासन विभाग काउंसलिंग के लिए आवेदन जरूर मांगे हैं, इसमें 21 छात्रों ने काउंसलिंग के लिए आवेदन भी किया है। विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय केंद्र प्रशासन ने अभी तक इसके लिए काउंसलिंग नहीं करवाई है। कक्षाएं शुरू करने को लेकर अभी तक कोई अधिसूचना भी जारी नहीं की है। एसएफआई उपाध्यक्ष योगी ने कहा कि यह विवि प्रशासन की रिजनल सेंटर खनियारा में लोक प्रशासन विभाग को बंद करने की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने विवि प्रशासन और डीएस से मांग की कि रिजनल सेंटर खनियारा में जल्द लोक प्रशासन विषय की कक्षाएं शुरू की जाएं।
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