बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए पसंदीदा ठेकेदारों को पानी ढुलाई का काम सौंपा
मामले में यह भी खुलासा हुआ कि बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए पसंदीदा ठेकेदारों को पानी ढुलाई का काम सौंपा गया। टेंडर शर्तों के अनुसार लेलू पुल से पानी भरना था, लेकिन ठेकेदारों ने नालों से पानी भरकर लोगों को सप्लाई कर दिया। विजिलेंस ने जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर, लिपिक सहित अधिकारियों और ठेकेदारों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर ने बिना जांचे फर्जी बिल तैयार किए, जिन्हें कार्यकारी अभियंता ने आगे बढ़ाया और एसडीएम कार्यालय से बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान कर दिया गया। इस मामले में करीब 120 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। प्रारंभिक जांच के बाद सरकार ने 10 अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जबकि घोटाले में शामिल ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी दिए गए हैं।
यह है मामला
बता दें कि ठियोग में पिछले साल टैंकर से पानी की आपूर्ति के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। टैंकरों से पानी की आपूर्ति के लिए ठेकेदार को एक करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया। टैंकरों के नाम पर फर्जी नंबर दिए गए। दो ऐसे गावों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति दर्शाई गई, जहां सड़क नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस घोटाले का खुलासा पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने आरटीआई के माध्यम से किया था, जिसके बाद सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।