न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति भगचंदानी ने सुनाया फैसला
विज्ञापन
वर्ष 2011 में श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी से लिया था ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति भगचंदानी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में ठियोग निवासी केशव राम आजाद को दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और 3.80 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया तो दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोषी ने एक वाहन खरीदने के लिए कंपनी से ऋण लिया था जिसे वह ब्याज सहित चुकाने में असमर्थ हो गया।
वर्ष 2011 में केशव राम आजाद ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड पंथाघाटी शाखा से 3.75 लाख का ऋण लेकर वाहन खरीदा था। ऋण 35 मासिक किस्तों में चुकाने का समझौता हुआ लेकिन दोषी नियमित भुगतान करने में नाकाम रहा। बाद में फाइनेंस की गई गाड़ी कंपनी को सरेंडर कर दी गई जिसे कंपनी ने नीलाम कर दिया। इसके बावजूद करीब 2.50 लाख रुपये की राशि बकाया रही। दोषी ने दिसंबर 2013 में बकाया भुगतान के लिए कंपनी को 2.50 लाख का चेक जारी किया लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। कंपनी ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा लेकिन उसने निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया। इसके बाद कंपनी ने जनवरी 2014 में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।