फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवभूमि हिमाचल के बेटों ने रोशन किया नाम, वायु सेना में बने फ्लाइंग अफसर

Sat, 19 Jun 2021 07:58 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर/ बद्दी (सोलन)/रोहडू/लडभड़ोल (मंडी)

सार

कुछ दिन पहले ही हिमाचल के 16 युवा लेफ्टिनेंट बने हैं और अब देश की रक्षा के लिए प्रदेश के युवा एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बने हैं...
विज्ञापन
वीरेंद्र सिंह चंदेल, कर्णवीर सिंह ठाकुर और मनोज ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवभूमि के युवा हवा में उड़कर देश की सुरक्षा करेंगे। शनिवार को हैदराबाद में हुई पासिंग आउट परेड में हिमाचल प्रदेश के युवा भी फ्लाइंग अफसर बने हैं। बच्चों को फ्लाइंग अफसर बनता देख अभिभावकों की सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। कुछ दिन पहले ही हिमाचल के 16 युवा लेफ्टिनेंट बने हैं और अब देश की रक्षा के लिए प्रदेश के युवा एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बने हैं...

विज्ञापन


पिता-भाई के बाद अब मनोज भी करेंगे देश की सेवा
रामशहर की साई चढ़ोग पंचायत के रहने वाले मनोज ठाकुर इंडियन एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बन गए हैं। वायुसेना की ओर से उन्हें शनिवार को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद फ्लाइंग अफसर का रैंक मिली है। शनिवार को एयरफोर्स अकादमी हैदराबाद में उन्हें एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने एयर अफसर का रैंक दिया। मनोज ठाकुर के पिता  मिजोरम में आईजोल बटालियन में सूबेदार मेजर के पद पर तैनात हैं। उनके बड़े भाई हर्ष ठाकुर राजस्थान में कैप्टन के पद पर सेवारत है। मंगल सिंह ने बताया कि उनके दोनों बेटे देश की सेवा करेंगे। इससे बड़ी खुशी उनके लिए और कुछ नहीं है। मनोज ठाकुर ने आर्मी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय चंडीगढ़ से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद शिमला विवि से कंप्यूटर साइंस में डिग्री ली लेकिन उन्हें देश सेवा करने का जज्बा था। वर्ष 2019 में उनका एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर के लिए चयन हुआ तथा दो साल के प्रशिक्षण के बाद उन्हें शनिवार को हैदराबाद में फ्लाईंग आफिसर का रैंक मिल गया है। उन्होंने सफलता का श्रेय माता जया ठाकुर, पिता मंगल सिंह और बड़े भाई कैप्टन हर्ष ठाकुर को दिया है। 

मनोज ठाकुर इंडियन एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बन गए हैं।

विज्ञापन

बचपन के सपने को पूरा कर फ्लाइंग अफसर बने कर्णवीर

कर्णवीर सिंह ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
वहीं शिमला जिले की तहसील जुब्बल के रोहटान गांव के कर्णवीर सिंह ठाकुर भी वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बन गए हैं। साधारण परिवार में पले बडे़ कर्णवीर की उपलब्धि से परिजनों में खुशी का माहौल है। कर्णवीर सिंह ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा डीएसवी स्कूल सरस्वती नगर से हुई। माध्यमिक शिक्षा के लिए चयन सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा के लिए हुआ। सैनिक स्कूल से जमा दो परीक्षा पास करने के बाद कर्णवीर का चयन नेशनल डिफेंस अकादमी के लिए हुआ।

बेटे की इस उपलब्धि पर पिता देविंद्र सिंह ठाकुर और माता उषा ठाकुर खुश हैं। देवेंद्र सिंह ने कहा कि कि कोरोना के इस दौर में बेटे की पासिंग आउट परेड में शामिल न होने का उनको मलाल जरूर रहेगा पर इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में हर पल की जानकारी उन तक ऑनलाइन मिलती रही। उन्होंने कहा बेटे कर्णवीर सिंह में शुरू से देश सेवा का जज्बा था। उनका यह सपना पूरा हो गया है। 
विज्ञापन

दादा-पिता के बाद अब वीरेंद्र भी करेंगे देश की रक्षा

वीरेंद्र सिंह चंदेल - फोटो : अमर उजाला
 मंडी के लडभडोल में कनोग गांव के वीरेंद्र सिंह चंदेल भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। वीरेंद्र सिंह की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय मंडी से हुई है। वल्लभ कॉलेज मंडी से भौतिक विज्ञान में बीएससी की। इसके बाद पीजीडीसीए किया। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला से एमबीए करते समय वीरेंद्र सिंह चंदेल का चयन भारतीय वायु सेना में हो गया है।

वीरेंद्र सिंह के पिता बिशन चंद चंदेल भारतीय सेना से नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। माता सकीना चंदेल गृहिणी हैं। वीरेंद्र सिंह के दादा भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सैनिक परिवार के होने के नाते बचपन से ही इनका सपना भारतीय सेना में एक अधिकारी बनने का था, जो पूरा हो गया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें