वहीं शिमला जिले की तहसील जुब्बल के रोहटान गांव के कर्णवीर सिंह ठाकुर भी वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बन गए हैं। साधारण परिवार में पले बडे़ कर्णवीर की उपलब्धि से परिजनों में खुशी का माहौल है। कर्णवीर सिंह ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा डीएसवी स्कूल सरस्वती नगर से हुई। माध्यमिक शिक्षा के लिए चयन सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा के लिए हुआ। सैनिक स्कूल से जमा दो परीक्षा पास करने के बाद कर्णवीर का चयन नेशनल डिफेंस अकादमी के लिए हुआ।
बेटे की इस उपलब्धि पर पिता देविंद्र सिंह ठाकुर और माता उषा ठाकुर खुश हैं। देवेंद्र सिंह ने कहा कि कि कोरोना के इस दौर में बेटे की पासिंग आउट परेड में शामिल न होने का उनको मलाल जरूर रहेगा पर इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में हर पल की जानकारी उन तक ऑनलाइन मिलती रही। उन्होंने कहा बेटे कर्णवीर सिंह में शुरू से देश सेवा का जज्बा था। उनका यह सपना पूरा हो गया है।
मंडी के लडभडोल में कनोग गांव के वीरेंद्र सिंह चंदेल भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। वीरेंद्र सिंह की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय मंडी से हुई है। वल्लभ कॉलेज मंडी से भौतिक विज्ञान में बीएससी की। इसके बाद पीजीडीसीए किया। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला से एमबीए करते समय वीरेंद्र सिंह चंदेल का चयन भारतीय वायु सेना में हो गया है।
वीरेंद्र सिंह के पिता बिशन चंद चंदेल भारतीय सेना से नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। माता सकीना चंदेल गृहिणी हैं। वीरेंद्र सिंह के दादा भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सैनिक परिवार के होने के नाते बचपन से ही इनका सपना भारतीय सेना में एक अधिकारी बनने का था, जो पूरा हो गया है।