वहीं, पांवटा साहिब के गोंदपुर की एक दवाई इकाई में हरियाणा के ऑरेंज जोन से पहुंचे कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी को लेकर खूब हंगामा हुआ। अधिकारी गुरुवार को पहुंचा था। लेकिन, होम क्वारंटीन की बजाय वह सीधा इकाई परिसर में पहुंच गया। अधिकारी इकाई परिसर के एक कमरे में ही क्वारंटीन में रहने की जिद्द पर अड़ गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के विरोध पर आखिर में दवा इकाई का अधिकारी किराये के कमरे में 14 दिनों तक होम क्वारंटीन पर रहने को राजी हुआ।
पांवटा नगर परिषद कमेटी उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मान, ग्राम पंचायत अमरकोट के प्रधान राकेश महरालू , पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह, उप प्रधान गुलशेर मोहम्मद और अरमान समेत ग्रामीणों ने कहा कि 24 मार्च से लॉकडाउन के बाद प्लांट बंद हुआ। इकाई का अधिकारी हरियाणा के भिवानी चला गया। सरकार के निर्देश के बाद अप्रैल से इकाई शुरु हो गई। गुरुवार को दवा इकाई का अधिकारी ई पास लेकर अपने इकाई के ट्रक में पांवटा पहुंचा। इसको 14 दिनों के होम क्वारंटीन पर भेज दिया। लेकिन, तारुवाला अपने कमरे जाने की जगह वह ट्रक में ही इकाई परिसर में पहुंच गया। उधर, सिविल अस्पताल पांवटा की चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी चौहान ने कहा कि सूचना मिलने पर टीम सहित तारुवाला पहुंची। हरियाणा के भिवानी ऑरेंज जोन से पहुंचे गोंदपुर की दवा इकाई के अधिकारी का मेडिकल चैकअप कर लिया गया है। इसके बाद 14 दिनों तक तारुवाला में ही होम क्वारंटीन पर रखा गया है।