अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। याचिका में केरोसिन-डीजल से शव को जलाने का भी आरोप है। कोर्ट ने सरकार से मामले में जवाब तलब किया है। अब मुश्किल में फंसी सरकार ने आखिरकार मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच शुरू होने के साथ ही डीसी शिमला, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट आईजीएमसी, एसडीएम और नगर आयुक्त शिमला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जांच में देखा जाएगा कि अंत्येष्टि को लेकर क्या प्रोटोकॉल है। इसमें आपदा प्रबंधन एक्ट व पैनडेमिक एक्ट में निहित प्रोटोकॉल और जिला प्रशासन व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उठाए कदमों का आकलन होगा। बताया जा रहा है कि एक्ट में स्पष्ट है कि रीति-रिवाज से ही दाह संस्कार किया जाना चाहिए। इसके बाद हमीरपुर के कोरोना पॉजिटिव की मंडी में हुई मौत के बाद सभी प्रोटोकॉल और रीति-रिवाज अपनाए गए।