शिमला। राजधानी की सब्जी मंडी में दुकानें बनाने का काम बंद होने से शहर के कारोबारी भड़क गए हैं। कारोबारियों ने नगर निगम और हिमुडा दफ्तर के घेराव की चेतावनी दी है।
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इनका कहना है कि यदि 10 दिन के भीतर काम में तेजी नहीं लाई गई तो कारोबारी अधिकारियों का घेराव करेंगे। शहर के सब्जी मंडी में हिमुडा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब आधा दर्जन दुकानें बना रहा है। कारोबारियों का कहना है कि नगर निगम ने यह कहकर दुकानें खाली करवाई थीं कि उन्हें छह माह में नई दुकानें तैयार कर दे देंगे। लेकिन मौके पर हालात ऐसे हैं कि पांच महीने में सिर्फ चंद गड्ढे खोदे गए हैं, अब काम भी बंद है। उधर कारोबारी बारिश में सड़क पर सामान बेचने को मजबूर हो रहे हैं। काम में लापरवाही इतनी ज्यादा है कि मौके पर खोदे गए गड्ढे बंद तक नहीं किए जा रहे। आए दिल लोग और कारोबारी इसमें गिरकर घायल हो रहे हैं।
परेशान कारोबारियों ने इस बारे में शिमला व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह से भी शिकायत की है।
दुकानें बनाने के नाम पर दिया धोखा : इंद्रजीत व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि कारोबारियों को छह माह का समय दिया था लेकिन मौके पर काम इतना सुस्त है कि कई साल बाद भी यह दुकानें नहीं बनेंगी। कहा कि कारोबारी परेशान हो गए हैं। अब काम में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं होगी। कहा कि नगर निगम आयुक्त को भी इस बारे में शिकायत दे दी है। यदि अब भी काम में तेजी न लाई गई तो कारोबारियों को मजबूरन दफ्तरों का घेराव करना पड़ेगा। निगम आयुक्त आशीष कोहली का कहना है कि हिमुडा से इस बारे में बात की जाएगी।
ठेकेदार को दिया है नोटिस : अभियंता हिमुडा के अधिशासी अभियंता राजेश ठाकुर ने कहा कि ठेकेदार को काम बंद करने पर नोटिस दिया गया है। प्रयास किया जा रह है कि जल्द मौके पर काम शुरू किया जाए।