शहर के अनाडेल वार्ड की घटना, दो पेड़ ढहने से एक भवन को नुकसान
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बिजली के खंभे भी ढहे, मेयर ने लिया मौके का जायजा
बोले-मंजूरी के बावजूद खतरनाक पेड़ों को नहीं काट रहे लोग अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सरकार और वन विभाग से मंजूरी मिलने के बावजूद कई लोग खतरनाक पेड़ नहीं कटवा रहे। यह पेड़ अब दूसरों के घरों पर कहर बनकर टूट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को शहर के अनाडेल वार्ड में सामने आया। यहां तड़के सुबह करीब 3:30 बजे दो सूखे पेड़ एक रिहायशी भवन परिसर में गिर गए।
इससे भवन परिसर की दीवार टूट गई। गेट को नुकसान पहुंचा और बिजली के दो पोल भी गिर गए। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद उर्मिला कश्यप मौके पर पहुंची। बाद में महापौर सुरेंद्र चौहान, वन विभाग, बिजली बोर्ड और राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पार्षद के अनुसार ऐनालॉज डिंगल इस्टेट परिसर में दो सूखे पेड़ ढहने से नुकसान हुआ है। इनमें एक सूखा पेड़ साथ लगती दूसरे व्यक्ति की निजी जमीन पर खड़ा था।
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महापौर ने इसका रिकॉर्ड चेक करवाया तो पता लगा कि इसे काटने की काफी पहले अनुमति मिल चुकी थी लेकिन संबंधित भूमि मालिक ने इसे नहीं कटवाया। देर रात यह पेड़ दूसरे के मकान पर गिर गया। इसके साथ निगम की जमीन पर खड़ा एक अन्य पेड़ भी ढह गया। मौके पर एक अन्य सूखा पेड़ भी खतरा बनकर मंडरा रहा है। पार्षद के अनुसार अब वन विभाग की टीम ने इन पेड़ों को काटने का काम शुरू कर दिया है।
मंजूरी के बावजूद नहीं कटे पेड़ों ने बढ़ाई मुसीबत शहर में हर साल सैकड़ों खतरनाक पेड़ों को काटने की मंजूरी सरकार दे रही है। लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो इन पेड़ों को नहीं कटवा रहे। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि ऐसे कई मामले उनके पास आए हैं। इनमें दूसरे व्यक्ति की जमीन पर खड़े पेड़ खतरनाक हो गए हैं। यह दूसरे के मकानों पर गिर रहे हैं। इन्हें काटने की मंजूरी भी मिल चुकी है लेकिन जिस व्यक्ति की जमीन पर यह पेड़ खड़े हैं, वह काटने की जहमत नहीं उठाते। यह लोग पेड़ कटवाने के खर्च से बचना चाहते हैं। वहीं जिन लोगों पर यह पेड़ खतरा बने हैं, वह इन्हें भूमि मालिक की मंजूरी के बिना नहीं कटवा सकते। कहा कि मरीना होटल के पास भी निगम की जमीन पर एक सूखा पेड़ खड़ा है जिसे काटने की मंजूरी मिल चुकी है लेकिन इसे नहीं काटा गया। निगम जल्द इसे कटवाएगा।