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Shimla News: मिड डे मील वर्करों का वेतन बढ़ाए प्रदेश सरकार

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सुन्नी में हुई यूनियन की बैठक में उठाई मांग
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जून में प्रस्तावित हड़ताल में शामिल होने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू के सुन्नी ब्लॉक की शनिवार को बैठक हुई। बैठक में वेतन बढ़ाई की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

पुष्पा शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वर्कर्स ने अपनी समस्याओं पर चर्चा की और 22 जून को मांगों को लेकर होने वाले प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। आंदोलन में सभी वर्करों से हड़ताल में भाग लेने का आवाहन किया गया। बैठक को सीटू के जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, पुष्पा शर्मा, चंपा देवी और शीला देवी ने संबोधित किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि मिड डे मील वर्कर्स को अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए संघर्ष तेज करने का समय आ गया है। उन्होंने बैठक में वर्कर्स की मुख्य मांगों को गिनाया जिसको लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से वर्कर्स को हरियाणा सरकार की तर्ज पर 7000 रुपये प्रति माह वेतन, कोर्ट के 10 के बजाय 12 महीने के वेतन देने के फैसले को लागू करने, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में लाना शामिल है।
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इसके अलावा नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाने, केंद्रीय किचन, कलस्टर योजना, ठेकाकरण और एनजीओ को देने के फैसले को वापस लेने, 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिश पर वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देकर न्यूनतम वेतन देना और अन्य श्रम कानूनों के दायरे में लाना, मिड डे मील योजना को जमा दो कक्षा तक लागू करने, आंगनबाड़ी वर्कर की तर्ज पर छुट्टियां देने, साल में दो बार वर्दी देने, शिक्षा विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्र भर्ती में मिड डे मील वर्कर्व को प्राथमिकता देना शामिल है। मर्ज किए स्कूलों से मिड डे मील वर्कर्स को दूसरे स्कूलों में मर्ज करना जारी रखने और चुनाव के समय पोलिंग पार्टी को खाना बनाने का कार्य न करवाने या फिर उन्हें टीए तथा दिहाड़ी का भुगतान करने जैसी 16 मांगे उठाईं।
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