एक साल पहले हिमाचल में चुनकर आई तेरहवीं विधानसभा मेें अगर मुख्यमंत्री पद के घोषित प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल चुनाव नहीं हारते तो उस स्थिति में धूमल ही सीएम होते। हिमाचल की परिस्थितियां बदलीं और मोदी की परख पर खरे उतरे जयराम ठाकुर मुुख्यमंत्री बन गए।
जयराम सरकार में कई युवा विधायकों को पहली बार मंत्री बनाकर बड़ी जिम्मेवारी दी गई। मोदी ने एक साल पहले सीएम जयराम ठाकुर और उनके इन युवा मंत्रियों को शपथ दिलाई। अब वह ठीक एक साल बाद एक साल के कार्यकाल का रिजल्ट देखने आए।
इस तरह मोदी एक प्रकार से परोक्ष रूप में सरकार और संगठन में मुख्यधारा में आए हिमाचल के इन तमाम नेताओं की ओर संकेत कर कह रहे थे कि उन्हें यह देखकर बहुत आनंद मिलता है जो पहले हिमाचल में छोटे नेता थे, वे अब सरकार में प्रथम पंक्ति में हैं।
जाहिर है कि उनकी यह चाह भी है कि इस स्पंदन के बाद भाजपा का हर छोटा-बड़ा नेता और कार्यकर्ता आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भी जी-जान से काम करे। मोदी संगठन से जुड़े आम और छोटे कार्यकर्ताओं में भी उम्मीदें जगा गए हैं।
एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर मोदी ने जयराम की पीठ थपथपाई। उन्होंने सीएम को ‘मेरे मित्र’ कहकर संबोधित किया। हिमाचल में भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल को उन्होंने सफल करार दिया।
पीएम मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार को हम सबके वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल को पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान प्रेम कुमार धूमल कहकर संबोधित किया, जबकि नड्डा को केंद्र में मंत्रिमंडल में मेरे साथी कहा।
मोदी ने हिमाचल को एक साल के जश्न के दौरान खास सौगात तो नहीं दी, मगर वह उपलब्धियां गिनाते रहे। उन्हें केंद्र से मिल रही भरपूर मदद का एहसास करवाया। हिमाचल में रेल, हवाई सेवाएं, पर्यटन, बागवानी आदि तमाम क्षेत्रों में बड़े निवेश की बात कर हिमाचल के लोगों को सपने दिखाए।