20 से 22 अक्तूबर तक होगा आयोजन
लंका दहन, सांस्कृतिक संध्याएं, खेलकूद प्रतियोगिताएं और दंगल रहेंगे आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। क्योंथल क्षेत्र का प्राचीन दशहरा मेला 20 से 22 अक्तूबर तक जुन्गा में होगा। मेले में लंका दहन, सांस्कृतिक संध्याएं, खेलकूद प्रतियोगिताएं और दंगल आकर्षण रहेंगे।
इसको लेकर मेला समिति की बैठक तहसीलदार कार्तिकेय शर्मा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बताया कि जुन्गा स्कूल के खेल मैदान में मेला आयोजित करने के लिए उच्च न्यायालय से पत्राचार किया है। अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में प्रशासन अन्य स्थल तलाशेगा।
उन्होंने बताया कि दशहरा मेले पर जुन्गा तहसील में 21 और 22 अक्तूबर को स्थानीय अवकाश रहेगा। परंपरा के अनुसार राजमहल से भगवान रघुनाथ की पालकी को वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा के रूप में मेला स्थल तक लाया जाएगा। शोभायात्रा में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और स्थानीय लोग भाग लेंगे।
क्योंथल रियासत की प्राचीन परंपरा के अनुसार मेले के दौरान पूजा-अर्चना के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। मेले के अंतिम दिन 22 अक्तूबर को विशाल दंगल होगा। इसमें उत्तर भारत के नामी पहलवान भाग लेंगे।
बैठक में नायब तहसीलदार राजेंद्र ठाकुर, जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुन्गा के प्रधानाचार्य महेश शर्मा, बीडीसी सदस्य सीमा सेन, पंकज सेन, स्थानीय पंचायत प्रधान रामलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जुन्गा तहसील की पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।