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Shimla News: लोअर बाजार का नाम बदलने का मामला गरमाया, रिपोर्ट तलब

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हरकत में आया नगर निगम, लोक निर्माण विभाग से पूछा किसकी अनुमति से लगाया लोअर माल का साइन बोर्ड
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विभाग से रिपोर्ट तलब, बिना अनुमति पर की जाएगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के लोअर बाजार का नाम बदलकर लोअर माल करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ऐसे में अब नगर निगम ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें सामने आया कि यह साइन बोर्ड लोक निर्माण विभाग ने लगाया है लेकिन बिना अनुमति से निगम की प्राॅपर्टी पर बोर्ड लगाने पर अब जवाब तलब किया है।
निगम ने कहा कि उनकी प्राॅपर्टी पर बिना अनुमति के कैसे उन्होंने यह बोर्ड लगा दिया है। ऐसे में अब विभाग शनिवार को इस बारे में अपना जवाब निगम को देगा। शहर के सीटीओ और शेरे पंजाब की सड़क किनारे हाल ही में साइन बोर्ड लगाए हैं। इन साइन बोर्ड पर लोअर माल लिखा है। हालांकि इसको लेकर शहर के कारोबारी और कुछेक लोग आपत्ति जता रहे हैं। वहीं कारोबारियों ने तो आयुक्त नगर निगम को इस बारे में चिट्ठी तक लिखी है। यही वजह है कि अब नगर निगम हरकत में आया है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने शुक्रवार को इस बारे में अधिकारियों के साथ बैठक की है और पूछा कि यह किसकी अनुमति से लगाया है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को इसके बारे में पता करने के निर्देश दिए हैं। हालांंकि शाम तक नगर निगम को सूचना मिली है कि यह बोर्ड लोक निर्माण विभाग ने लगाए है। ऐसे में अब नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने विभाग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि यह बोर्ड किसकी अनुमति से लगाया और किस स्तर पर यह निर्णय लिया है। लोक निर्माण विभाग शनिवार को जवाब देगा। नाम बदलने को लेकर कारोबारी भड़के हुए हैं। वहीं कुछेक लोगों द्वारा इस पर राजनीति की जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि लोअर बाजार शिमला की पुरानी पहचान है और अचानक नाम बदलने से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ऐसे में अब इस मामले को विराम देने के लिए निगम ने यह कदम उठाया है।
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विभाग से मांगा है जवाब
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने जो साइन बोर्ड लगाया है, इस बारे में विभाग के अधिकारियों से पूछा गया है कि आखिर यह किसकी अनुमति से लगाया है। विभाग के जवाब के बाद इन्हें हटाना है या नहीं, इस पर आगामी फैसला लिया जाएगा। वहीं शहर में कुछेक लोगों का कहना है कि नाम बदलने के पीछे कोई गलत मंशा सामने नहीं आ रही है। शायद विभाग द्वारा यह बोर्ड किसी उद्देश्य के तहत ही लगाया हो। लोगों का कहना है कि लोअर माल नाम पर्यटकों के लिए क्षेत्र को पहचानने में सुविधा देने के उद्देश्य से लगाया जा सकता है।
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