स्वारघाट थाने में तैनात एसएचओ और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने कोरोना महामारी के इस दौर में घायल हंसराज को मौके पर उठाने में संभावित खतरे की भी परवाह नहीं की।
तब तक हंसराज का कोरोना टेस्ट भी नहीं हुआ था। ऐसे में बिना पीपीई किट के उसे मौके से उठाकर एंबुलेंस में डाले जाने के इस साहसिक कार्य के लिए इन पुलिस कर्मियों को 1000 रुपये नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र भी जारी किए हैं।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की राज्य कमेटी ने बिलासपुर के स्वारघाट क्वारंटीन केंद्र में मध्य प्रदेश से बिलासपुर आए 26 वर्षीय युवक की मौत पर शोक व्यक्त जताते हुए मामले की जांच करने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय चौहान ने कहा कि इस युवक की क्वारंटीन केंद्र में तबीयत खराब होने के बाद समय पर उपचार के लिए न ले जाने और बिलासपुर में उचित इलाज के बिना आईजीएमसी भेजने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संजय चौहान ने कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या युवक को क्वारंटीन करने से पहले इसका कोविड 19 का टेस्ट नहीं किया गया था। क्या यह युवक पहले से ही बीमार था या नहीं।
यदि था तो क्या उसका मेडिकल चेकअप क्वारंटिन केंद्र में पहले नही किया गया था। उसे उपचार के लिये किसी अस्पताल में क्यों नहीं ले जाया गया। उन्होंने कहा कि इससे सरकार द्वारा बनाए गए केंद्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं की दशा भी उचित व व्यवस्थित न होने की पुष्टि होती है। दूसरा जांच का पहलू है कि यदि यह अपने कमरे में गिरा तो जो लोग क्वारंटिन केंद्र में तैनात थे, उन्होंने समय रहते इस युवक को अस्पताल ले जाकर इसका उपचार क्यों नहीं करवाया। तीसरा जांच का विषय है कि क्या बिलासपुर में इतनी भी स्वास्थ्य सुविधा नहीं है कि वह इसका उपचार कर सकते। जब इस युवक को आईजीएमसी में पहुंचाया गया तो उसके साथ इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार क्यों किया गया। इसके शव को क्यों इस दशा में घंटों पड़े रहने दिया।