जिसके लिए सरकार की तरफ से किसी भी तरह का प्रोत्साहन देने की जरुरत नहीं हैं। बोले भगवान ने मुझे सब कुछ दे दिया है मुझे सरकार से कुछ नहीं चाहिए लेकिन खिलाडिय़ों के लिए प्रदेश में सुविधा मुहैया करवाई जाए ताकि वह प्रदेश छोड़ कर न जाए।
दिव्यांग बच्चों के कार्यक्रम अगर भविष्य में फिर हुआ तो मैं जरूर आना चाहूंगा क्योंकि मुझे देखकर बच्चे बहुत खुश हुए उतना ही मैं भी खुश हूं। कहा दिव्यांग को कमजोरी न समझे मेहनत करें तो मंजिल खुद व खुद मिलेगी।
खली ने कहा कि हिमाचल मेरी जन्मभूमि है और यहीं मैं पलकर बड़ा हुआ हूं। बीते दिनों को याद करते हुए खली ने कहा कि मैं वहीं दलीप सिंह राणा हूं... जो मेहनत से ही द ग्रेट खली बना।