सीबीएसई स्कूलों के लिए टीचर टेस्ट नीति मामले में सरकार ने अपनी बहस पूरी कर दी है। 21 अप्रैल को ज्वाइंट फ्रंट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता टीचर टेस्ट के विरुद्ध अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखेगा। हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सरकारी स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों में बदलने के लिए सरकार ने जो पॉलिसी लाई है, वह भविष्य को देखते हुए बनाई गई है।
इसका मकसद प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है। वहीं एसोसिएशन इस टीचर टेस्ट का विरोध कर रही है। उनका मानना है कि सरकार वर्ग के बीच एक अन्य वर्ग पैदा कर रही है, जो कि संविधान के खिलाफ है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ कर रही है।