पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा को सेवा विस्तार देने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी की फाइल राजभवन ने सरकार को लौटा दी है।
कानूनी सलाह के बाद राजभवन की तरफ से यह कहा गया है कि भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार खुद सक्षम है। इसमें राजभवन की सलाह की कोई जरूरत नहीं है।
सूत्र बताते हैं कि धूमल पर केस चलाने की स्वीकृति देने के बजाय राज्यपाल ने बीच का रास्ता निकाला है ताकि जाते-जाते किसी तरह का विवाद खड़ा न हो।
इसमें तर्क दिया गया है कि हरियाणा में अभय चौटाला और पंजाब में प्रकाश सिंह बादल पर जब कांग्रेस सरकारों ने मुकदमा चलाया था, उस समय भी राज्यपाल से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ी थी।
जनवरी के पहले सप्ताह में ही प्रदेश सरकार ने नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल पर मुकदमा चलाने की मंजूरी की फाइल राज्यपाल को भेजी थी।