कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद पहली बार 27 जनवरी को कर्मचारियों की जेसीसी मीटिंग होगी। प्रदेश सरकार ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को इसकी सूचना दे दी है। सरकार ने महासंघ को जेसीसी में उपस्थित होने वाले कर्मचारी नेताओं की लिस्ट मांगी है।
महासंघ ने अपनी ओर से 220 पदाधिकारियों की लिस्ट तैयार की है। इसमें महासंघ की पूरी कार्यकारिणी के अलावा विभाग में कर्मचारी संघ के प्रधान और महासचिवों को भी जेसीसी में शामिल होने को कहा गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, चीफ सेक्रेटरी पी. मित्रा के अलावा अन्य विभागों के प्रधान सचिव, स्पेशल सेक्रेटरी और निदेशक उपस्थित रहेंगे।
95 मांगों पर होगी चर्चा
जेसीसी 11 बजे से शुरू होगी। महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने बताया कि कार्मिक विभाग से उन्हें जेसीसी को लेकर पत्र मिल चुका है। जोगटा ने कहा है कि जेसीसी का डिमांड चार्टर सरकार को सौंपा है। इसमें 95 मांगें शामिल की गई है।
जेसीसी पर भारी गुटबाजी
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ दो गुटों में बंटा हुआ था। इसमें एक गुट को सुरेंद्र मनकोटिया जबकि दूसरे को एसएस जोगटा लीड कर रहे थे। दोनों गुटों के नेता अध्यक्ष बनने के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे। इसके चलते कर्मचारियों की जेसीसी नहीं हो रही थी। सीएम ने मामले में हस्तक्षेप करके सुरेंद्र मनकोटिया को पेंशनर कल्याण बोर्ड का उपाध्यक्ष और जोगटा को महासंघ की कमान सौंपी थी।
ये हैं जेसीसी मीटिंग के लिए मुख्य मांगें
जोगटा ने कहा कि जेसीसी का एजेंडा कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जेसीसी कराने का मामला उठाया था। सीएम ने उन्हें इसी महीने बैठक कराने का आश्वासन दिया था।
इन मांगों पर होगी चर्चा
•अनुबंध कर्मचारियों को 6 के बजाय 5 साल में नियमित करें
•कंप्यूटर शिक्षकों के लिए स्थायी पॉलिसी
• पंजाब की तर्ज पर मिले 4-9-14 का लाभ, ग्रेड पे
•60 साल हो सेवानिवृत्ति आयु
•विभागों में खाली पदों को भरा जाए
•पंजाब की तर्ज पर चिकित्सा भत्ता