शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम तीसरी बार बढ़ गए हैं। वाहन चालकों का कहना है कि सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि दाम नियंत्रित हो सके। ताराहाल और छोटा शिमला के पास पेट्रोल पंपों पर संवाददाता ने मौके का जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
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पेट्रोल 99.86 और डीजल 91.86 रुपये प्रति लीटर संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। पेट्रोल और डीजल के बार-बार बढ़ते दामों ने शहर की जनता की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि सप्ताह में तीसरी बार इनके रेटों में इजाफा होने से लोगों में रोष है।
लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण घरेलू बजट भी गड़बड़ा गया है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले 2500 या 3000 रुपये में गाड़ी की टंकी भर जाती थी, वह अब 3500 रुपये में भर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते ईंधन के दामों में बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियां लगातार रेट बढ़ा रही हैं। 10 दिन में तीसरी बार कंपनियों की ओर से ईंधन के दामों में बढ़ोतरी की है। हर बार वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर जनता पर बोझ डालना सही नहीं है। केंद्र सरकार को इसे लेकर उचित कदम उठाने चाहिए। विवेक, अमित, वीना ने बताया कि अगर बार-बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे तो सीधा असर ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर पड़ेगा। ऐसे में जहां माल ढुलाई महंगी होगी वहीं खाद्य पदार्थों, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे।
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पेट्रोल-डीजल भरवाना जरूरी, कीमतें हो कम पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ईंधन भरवाना लोगों की मजबूरी है। -कमल वर्मा, स्थानीय निवासी
दाम बढ़ने से बढ़ेगी महंगाई डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई और बढ़ेगी। किराया बढ़ने का असर आम लोगों पर पड़ेगा। वहीं रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वालों की बचत खत्म हो जाएगी। -विनय नंदा, निवासी शिमला
चुनाव खत्म होने के बाद बढ़ा दिए रेट सरकार इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही है। चुनाव खत्म होने के बाद तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। इसका असर हर चीज पर पड़ना शुरू हो गया है। वहीं आम आदमी का बजट भी बिगड़ गया है। -नीरज शर्मा, वकील
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर देना होगा ध्यान महंगाई के दौर में परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। शिमला जैसे शहर में अब लोगों को ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। छोटी-छोटी बचत ही आने वाले समय में राहत दे सकती है। -नरेंद्र ठाकुर, कारोबारी
अंतराष्ट्रीय स्तर पर हालत खराब युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण स्थिति खराब है। आने वाले दिनों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर खाद्य सामग्री समेत हर जरूरी चीज पर पड़ेगा।
-राज ठाकुर, निवासी शिमला शहर
बढ़ सकता है बस का किराया
पहले जो गाड़ी की टंकी 3000 रुपये में फुल हो जाती थी, अब उसमें 3500 रुपये लग रहे हैं। आने वाले समय में बस किराया भी बढ़ सकता है जिसका असर जनता पर पड़ेगा। -दीपक, ट्रांसपोर्टर
बाहर आना-जाना भी हुआ मुश्किल मध्यम वर्ग के लोग पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब जरूरी कामों के लिए बाहर जाने के लिए काफी सोच विचार कर ही निकलना पड़ रहा है।