हिमाचल प्रदेश में कर्ज में दबे किसान ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे पीजीआई रेफर किया गया है। मामला बरमाणा थाना के अंतर्गत सलणू इलाके का है। यहां पर स्थानीय किसान कुशल सिंह ने करोसिन तेल छिड़ककर खुद को आग लगा दी।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग किसान पर बैंक का भारी भरकम कर्ज था। कर्ज चुकाने में असमर्थ किसान ने जब कोई रास्ता नहीं बचा तो आत्महत्या करने का रास्ता अपनाया है। सोमवार को ग्रीन ग्रोवर किसान-बागवान विकास समिति ने इसका खुलासा किया तो सब दंग रह गए।
सूचना के मुताबिक सलणू के बुजुर्ग किसान कुशल सिंह चंदेल ने स्वयं को मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगाई थी। इस घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है। पता चला है कि किसान ने बागवानी विभाग के तहत चार ग्रीन हाऊस लगाए थे। इसके लिए योजना के तहत बैंकों से कर्ज लिया था।
विज्ञापन
तूफान से उड़े ग्रीन हाउस
लेकिन चारों ग्रीन हाऊस तूफान के कारण उखड़ गए। पुलिस को दिए बयान में परिजनों ने कहा है कि उस वक्त से ही कुशल डिप्रेशन में चल रहे थे। हिमाचल प्रदेश ग्रीन ग्रोअर किसान-बागवान विकास समिति की बिलासपुर इकाई का कहना है कि विभाग की गलत नीतियों के कारण वह कर्ज नहीं चुका पाया।
यह सिर्फ उसी की नहीं बल्कि कई किसानों की कहानी है। बैंक अब उन्हें नोटिस देने के साथ ही डिफाल्टर घोषित कर पोस्टर निकाल रहे हैं। ऐसे में किसान लोकलाज के चलते इस तरह के कठोर कदम उठाने के लिए विवश होने लगा है।
समिति ने कहा कि किसान के पुत्र ने दूरभाष पर उन्हें सारी बातें बताई है। उधर, एएसपी भूपेंद्र कंवर ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। किसान अभी बयान देने की हालत में नहीं है।
पूरे मामले में ग्रीन ग्रोअर किसान-बागवान विकास समिति की बैठक का आयोजन स्थानीय परिधि गृह में किया गया। जिसकी अध्यक्षता सचिव राजीव कुमार ने की। उन्होंने कहा कि किसान ग्रीन हाउसों के कर्जे तले दबते जा रहे हैं।
विभाग की गलत नीतियों और जानकारियों के चलते बरमाणा क्षेत्र के किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया। बिलासपुर दौरे पर आई बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स मुलाकात कर समिति ने इस मसले को उठाया है। समिति का कहना है कि बागवानी मंत्री ने इस बारे उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
समिति ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उद्यान एवं बागवानी मंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया। इस दौरान जगत पाल, बाबू राम भड़ोल, संदीप ठाकुर, बलदेव ठाकुर, रमेश कुमार, महेंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार, मंगल सिंह, पवन कुमार, मदन शर्मा, हंसराज, जीत राम, जीत राम, बाबू राम, सुभाष गुलेरिया, हरनाम सिंह, अनिल कुमार, रतनलाल ठाकुर, हरि किशन भड़ोल सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।