उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तहसीलदार पिता हरि सिंह यादव को दशहरा के दौरान देवता के अस्थायी शिविर तक देवलुओं की ओर से घसीटने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। देवलुओं का यह व्यवहार निंदनीय है। वह 40 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। देवता के कुछ लोगों ने उन्हें घसीटा और पीटा है। अब तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
उन्होंने कहा कि जहां भी आपदा आती है तो उन्हें बुलाया जाता था। दशहरा का मेला चल रहा है लेकिन पुलिस कहां है। एक सेक्टर में कितने पुलिस के जवान होते हैं। पुलिस के रहते कैसे इतनी बड़ी घटना हुई। एसपी कुल्लू और डीसी कुल्लू की ओर से इस मामले को लेकर एक भी बयान अभी तक नहीं आया है। जो लोग उन्हें घसीटकर ले गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। तहसीलदार की पत्नी रुकमणि ने कहा कि वीडियो का सबूत सबके सामने है।
पुलिस और प्रशासन जल्द दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
डीएसपी आनी करेंगे मामले की जांच
दशहरा में तहसीलदार कुल्लू और देवलुओं के बीच हुए विवाद की जांच डीएसपी आनी चंद्रशेखर कायथ करेंगे। मामले को लेकर तहसीलदार कुल्लू हरि सिंह यादव की शिकायत पर पुलिस थाना कुल्लू में केस दर्ज हुआ है। इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि वह दशहरा में सरकारी आदेशों का पालन कर अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान उन्हें कुछ लोग कॉलर से पकड़कर घसीटकर उन्हें देवता के शिविर तक ले गए। साथ ही देवता के गूर के सामने उन्हें नाक रगड़ने को मजबूर किया और यातनाएं दी गईं। मामले को लेकर कई लोग तहसीलदार के पक्ष में उतरे तो कई लोग देवलुओं का भी पक्ष ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार के साथ मारपीट करना ठीक नहीं है।
कई लोग तहसीलदार को देवता के शिविर में जूते के साथ घुसने को देव नियमों का उल्लंघन बता रहे हैं। वहीं, जिला देवी-देवता कारदार संघ ने तहसीलदार के साथ हुई घटना की निंदा की है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है।