देवी-देवताओं की विदाई के साथ सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि का समापन सोमवार को हुआ। राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि रहे। बारिश के बीच महोत्सव की तीसरी और अंतिम जलेब राजदेवता माधोराय की अगुवाई में निकली।
जलेब में देव माधोराय की पालकी के साथ एक दर्जन से अधिक देव रथ बारिश में भीगते हुए साथ चले। चौहट्टा की जातर के बाद दोपहर दो बजे के बाद जलेब शुरू हुई। राज्यपाल ने राजदेवता माधोराय और बाबा भूतनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।
इसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर जलेब चौहट्टा, मोती बाजार, समेखतर, बालक रूपी, भूतनाथ बाजार होते हुए वापस चौहट्टा से पड्डल ग्राउंड पहुंची और मेले का विधिवत समापन हुआ। देव रथों के साथ ढोल, नगाड़े, शहनाई, रणसिंगों की धुनों पर बारिश के बीच भी देवलुओं ने नाचते गाते जलेब की शोभा बढ़ाई।