मनाली से लेह के बीच करीब चार से पांच दर्रों से गुजरने वाला यह मार्ग बर्फबारी के चलते छह से सात महीने तक बंद रहता है। इस हाईवे को लाहौल तक बारह महीने बहाल रखने के लिए रोहतांग टनल बनाई जा रही है, जिसका निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। वर्ष 2020 में 8.8 किलोमीटर लंबी इस टनल को समर्पित किया जाएगा। इसके बाद बारालाचा, तगंलंगला और खारदुंगला दर्रा पर टनलों का निर्माण किया जाएगा।
मनाली से लेह के बीच बन रही तीन टनलों के लिए वायुसेना के हेलीकाप्टर से सर्वे किया जा रहा है। बुधवार को हेलीकाप्टर ने टनलों के भूगर्भीय सर्वे के लिए कुल्लू के लिए उड़ान भरी। इसके बाद हेलीकाप्टर लेह जाएगा। - नीरज कुमार श्रीवास्तव, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट के निदेशक