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Shimla News: जंगलों को आग से बचाने के लिए ड्रोन से नजर रख रहा विभाग

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जिले के अधिकतर जंगलों की निगरानी शुरू, चिंगारी भड़कते ही वन विभाग को मिल जाएगी जानकारी
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भीषण आग पर हेलीकॉप्टर से पाया जाएगा काबू
एक्सक्लूसिव खबर

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने अब टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है। विभाग के कर्मचारियों द्वारा ड्रोन से जंगलों की निगरानी की जा रही है और लंबे समय तक चलने वाली फॉरेस्ट फायर पर हेलीकॉप्टर से काबू पाया जा रहा है।
जिले में बीते तीन साल में आग की 502 घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें 7951 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो गया और तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की वन संपदा का नुकसान हुआ। इन घटनाओं को देखते हुए विभाग ने अब रणनीति में नयापन लाया है जिसमें टेक्नोलॉजी के साथ वन विभाग आम लोगों को भी इस मुहीम से जोड़ रहा है। विभाग फायर सीजन में जंगलों पर लगातार ड्रोन से निगरानी कर रहा है। ड्रोन कैमरा से यह पता लगाया जा सकता है कि कहीं आग की चिंगारी तो नहीं भड़क रही। इसके साथ ही अगर कहीं आग लगने का खतरा है तो समय रहते विभाग सुरक्षा प्रबंध कर सकता है। फॉरेस्ट गार्ड और वन मित्र भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और वनों की रक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा विभाग आग लगने से पहले की सावधानियों के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और आम जनता को विभिन्न नुक्कड़ नाटकों तथा जागरूकता कार्यक्रमों से जागरूक किया जा रहा है। विभाग ने एफएसआई पोर्टल पर कर्मचारियों को पंजीकृत किया है। इसमें आम लोगों को भी पंजीकृत किया जा रहा है ताकि कहीं भी अगर जंगलों में आग लगने की घटना हो तो अलर्ट मिल सके। जिले में संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित किए हैं ताकि इन क्षेत्रों की निगरानी की जा सके।
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कोट
मुख्य वन रक्षक, आईएफएस अधिकारी के. थिरुमल ने बताया कि इस वर्ष मौसम अच्छा है ऐसे में जंगलों में आग लगने की घटनाओं से राहत की उम्मीद है। इसके साथ ही अगर कहीं से भी फॉरेस्ट फायर घटना की सूचना मिलती है तो वन विभाग के सभी कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचते हैं और आग बुझाते हैं। इसके साथ ही प्रयास किया जाता है कि कम से कम नुकसान हो और जल्दी आग पर काबू पाया जाए। कहा कि इसके लिए विभाग विभिन्न तकनीकों को इस्तेमाल करत है और फायर सीजन में ड्रोन से भी जंगलों पर निगरानी रखी जाती है।
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अब तक हुई आग की घटनाएं

जिला शिमला ग्रामीण और अर्बन में पिछले तीन साल में जंगलों में आग लगने की 502 घटनाएं हुई हैं जिससे 7951 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। इसमें 3,11,39, 460 रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें से वर्ष 2023-24 में 103 जंगलों में आग लगी जिसमें 1229 हेक्टेयर क्षेत्र जलकर खाक हो गया और 81 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था। वर्ष 2024-25 में 282 जगह आग लगी जिससे 4743 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और 1.93 करोड़ रुपये की वन संपदा को क्षति हुई। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 में जंगलों में 117 आग लगी जिसमें 1978 हेक्टेयर क्षेत्र खाक हो गया। इससे विभाग को 34 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा।
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