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धर्मशाला: बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को घोषणा के 64 साल बाद मिला रेमन मैग्सेसे अवार्ड

Wed, 26 Apr 2023 06:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला

सार

दलाईलामा को यह पुरस्कार देने की घोषणा साल 1959 में हुई थी। उस समय दलाईलामा के बड़े भाई ग्यालो थोंडेन ने फिलीपींस के मनीला में यह पुरस्कार प्राप्त किया था। दलाईलामा को दिया जाने वाला यह पहला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार था।
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बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को मिला रेमन मैग्सेसे अवार्ड - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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 बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा को घोषणा के 64 साल बाद रेमन मैग्सेसे अवार्ड (एशिया का नोबल पुरस्कार) बुधवार को मैक्लोडगंज में दिया गया। यहां पहुंची फिलीपींस की रेमन मैग्सेसे अवार्ड फाउंडेशन की अध्यक्ष सुसाना बी अफान और फाउंडेशन की ट्रस्टी एमिली ए अब्रेरा ने दलाईलामा को इस पुरस्कार से सम्मानित किया। दलाईलामा को यह पुरस्कार देने की घोषणा साल 1959 में हुई थी।

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उस समय दलाईलामा के बड़े भाई ग्यालो थोंडेन ने फिलीपींस के मनीला में यह पुरस्कार प्राप्त किया था। दलाईलामा को दिया जाने वाला यह पहला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार था। यह पुरस्कार दलाईलामा को तिब्बती समुदाय के लिए संघर्ष करने और तिब्बती संस्कृति की प्रेरणा दिलाने के लिए दिया गया था। पुरस्कार की घोषणा के 64 साल बाद बुधवार को फाउंडेशन के सदस्यों ने मैक्लोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु को यह पुरस्कार वास्तविक रूप से प्रदान किया।

क्या है रेमन मैग्सेसे पुरस्कार
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार को एशिया के नोबल पुरस्कार के रूप में भी जाना जाता है। यह पुरस्कार व्यक्तियों एवं संस्थाओं को अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रदान किया जाता है। यह अवार्ड फाउंडेशन की ओर से फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रमन मैग्सेसे के नाम पर दिया जाता है। यह पुरस्कार न्यूयॉर्क स्थित रॉकफेलर ब्रदर्स फंड के ट्रस्टियों की ओर से साल 1957 में स्थापित किया था।
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