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Himachal: कोर्ट ने कहा- एक कमरे में मौजूद होने या जुआ खेलने से आपराधिक साजिश नहीं होती सिद्ध

Sat, 31 Jan 2026 10:34 AM IST
Krishan Singh दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)।

सार

ददाहू स्थित एक निजी होम स्टे में जुआ खेलने के मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सभी पर आरोप जोड़ने की राज्य सरकार की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया है। 
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के ददाहू स्थित एक निजी होम स्टे में जुआ खेलने के मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सभी पर आरोप जोड़ने की राज्य सरकार की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं की बरामदगी केवल एक आरोपी से हुई है। ऐसे में अन्य आरोपियों पर साजिश या सहयोग का आरोप नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि केवल एक कमरे में मौजूद होने या जुआ खेलने मात्र से एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक साजिश सिद्ध नहीं होती। यह मामला साल 2021 का है।

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राज्य सरकार ने सीआरपीसी के तहत सभी आरोपियों पर सार्वजनिक जुआ अधिनियम के साथ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 जोड़ने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि सभी आरोपी जुआ खेल रहे थे और एक आरोपी के पास से नशीली गोलियां बरामद हुई थीं। इसलिए सभी को सह-अपराधी माना जाए। अदालत ने मामले की जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि 155 ट्रामाडोल युक्त कैप्सूल आरोपी तारा चंद की व्यक्तिगत तलाशी से बरामद हुए थे। रणदीप, गोपी चंद और सुरजन के पास न तो नशीला पदार्थ मिला और न ही जांच में यह सामने आया कि उन्हें इसकी जानकारी थी।
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