सुप्रीम कोर्ट की ओर से हिमाचल प्रदेश में पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध के फैसले के बाद सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने अपना हलफनामा पेश किया। हलफनामे में पेड़ कटान की छूट देने के संबंध में कुछ बिंदु कोर्ट के समक्ष रखे गए लेकिन कोर्ट ने सरकार के हलफनामे से असंतोष जताते हुए सरकार की कार्यशैली पर खासी नाराजगी जताई।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा व न्यायमूर्ति दीपक मूर्ति की पीठ में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हलफनामे के कुछ बिंदुओं पर असंतोष जताया जिनमें वन क्षेत्र की बाउंड्री संबंधी मुद्दा भी शामिल था। कोर्ट की नाराजगी के बाद हिमाचल सरकार के वकील ने कोर्ट की अनुमति से दोबारा दाखिल करने की बात कहते हुए हलफनामा वापस ले लिया। अब अगली तारीख पर सरकार दोबारा हलफनामा दायर करेगी जिसके आधार पर कोर्ट अपने फैसले में संशोधन पर विचार करेगा।