अभी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर एक साल के लिए होती है पार्किंग की बुकिंग, अब पांच साल के लिए हो सकता है आवंटन
नगर निगम के सदन में प्रस्ताव लाने की है तैयारी अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में रिहायशी इलाकों के बीच बनी नगर निगम की छोटी पार्किंग के आवंटन की व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। नगर निगम इनका आवंटन एक साल की बजाय तीन या पांच साल के लिए कर सकता है। इससे न सिर्फ लोगों की हर साल आवेदन की टेंशन खत्म होगी बल्कि निगम की भी कमाई बढ़ेगी।
इसके लिए 29 अप्रैल को होने वाले नगर निगम सदन में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। कांग्रेस पार्षद की ओर से सदन में यह प्रस्ताव लाया जा रहा है। शहर में अभी नगर निगम की 150 से ज्यादा पार्किंग हैं। इनमें 70 से ज्यादा पार्किंग ऐसी हैं जो रिहायशी इलाकों के बीच बनी हैं। इनकी पार्किंग क्षमता 10 से 30 वाहनों की है। नगर निगम ज्यादातर पार्किंग का आवंटन अब पहले आओ पहले पाओ के आधार पर कर रहा है। स्थानीय लोगों को इसमें प्राथमिकता दी जा रही है। लोग एक साल का एकमुश्त शुल्क देकर इनकी सुविधा ले रहे हैं। हालांकि, एक साल बाद फिर से लोगों आवेदन के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि वह तीन या पांच साल का एकमुश्त शुल्क चुकाने के लिए तैयार हैं। निगम आवंटन की अवधि बढ़ाए। जनता की मांग को देखते हुए कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा इस बार सदन में इस प्रस्ताव को पेश करेंगी।
पार्किंग शुल्क बढ़ाने पर होगा फैसला
नगर निगम सदन में इस बार शहर में बनीं व्यावसायिक पार्किंग का शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी फैसला लिया जाएगा। निगम की संपदा शाखा की ओर से इसका प्रस्ताव सदन में लाया जा रहा है। इसमें व्यावसायिक पार्किंग का शुल्क 30 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी है। इसके पीछे निगम प्रशासन का तर्क है कि शहर में साल 2011 के बाद से पार्किंग शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। शहर में पीपीपी मोड पर बनी पार्किंग का शुल्क पहले ही काफी ज्यादा है जबकि निगम की पार्किंग में कम शुल्क लिया जा रहा है। इसे अब बढ़ाया जाएगा।