बिजली के शाॅर्ट सर्किट की वजह से लगी आग
आशंका है कि मंदिर में बिजली के शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी। अंदरोल होने के चलते गिरड़ माता मंदिर के कपाट दिसंबर से लेकर 13 अप्रैल तक बंद है। सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे और रोते-बिलखते मंदिर में लगी आग को अपने स्तर पर बुझाने के प्रयास आरंभ कर दिए। देर रात तक मंदिर में लगी आग को बुझाने में लोग जुटे रहे। भरमौर विधायक डॉ. जनक राज और मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित ठाकुर ने बताया कि लोगों की आस्था का प्रतीक गिरड़ माता मंदिर जलने की सूचना मिली है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन तैयार करवा उचित कदम उठाने की बात कही है।
आस्था का है केंद्र
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच यह मंदिर आस्था का केंद्र है और गद्दी जनजाति या अन्य पहाड़ी समुदायों की ओर से यहां माता की पूजा की जाती है। चंबा के अन्य प्राचीन मंदिरों की तरह यह मंदिर भी इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। हिमाचल प्रदेश काडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी ओंकार चंद शर्मा जनजातीय विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनका और परिवार का गिरड़ माता पर काफी विश्वास है। माता के दर पर शीश नवाजने के सह परिवार वे आते रहते हैं।