करन ने बताया कि माफिया ने दावा किया कि उन्होंने उसे खरीदा है और उसके परिवार से पांच लाख रुपये की मांग की। मौका पाकर वह कुछ अन्य भारतीयों के साथ भाग निकला। दूसरे मामले में अमन निवासी कर्मोग जिला चंबा ने भी यही कहानी दोहराई। अमन ने बताया कि होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान उसकी भी जान पहचान देवेंद्र और दो साथियों से हुई। आरोपियों ने अमन से 77,000 रुपये नकद ले लिए। थाईलैंड पहुंचते ही अमन को भी हथियारबंद गिरोह ने उठा लिया। दोनों युवक मौका पाकर वहां से म्यांमार-थाईलैंड सीमा तक भागे और थाई आर्मी के सामने आत्मसमर्पण कर जान बचाई। भारतीय दूतावास की मदद से दोनों युवकों को सुरक्षित वापस लाया गया।