हिमाचल के पहले सरकारी स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की डीएसए मशीन स्थापित की गई है।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जन्मदिन पर 10 करोड़ रुपये लागत की डिजिटल सबस्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) मशीन का लोकार्पण किया। इससे खून की नसों के विकारों का निदान और उपचार हो सकेगा। इसके अलावा हृदय, धमनी, दिमाग, कैंसर और अन्य बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होगा। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि आईजीएमसी देश का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल हैं, जहां डीएसए की काफी अत्याधुनिक मशीन लगाई गई है। चेन्नई में निजी अस्पताल में यह मशीन लगी है। यह मशीन नीदरलैंड से खरीदी गई है।
टेस्ट शुल्क तय नहीं, सीएम से करवा दिया उद्घाटन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के जन्मदिन पर आईजीएमसी प्रबंधन ने उनसे अत्याधुनिक डीएसए मशीन का लोकार्पण तो करवाया, लेकिन मशीन पर होने वाले विभिन्न टेस्ट के शुल्क को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। आईजीएमसी प्रबंधन मशीन पर टेस्ट के बेसिक शुल्क का खुलासा जरूर कर रहा है। बताया जा रहा है कि आईजीएमसी प्रबंधन इस अत्याधुनिक मशीन पर होने वाले सभी टेस्ट और अन्य सुविधाओं का अलग-अलग शुल्क तय नहीं कर पाया है। आईजीएमसी के न्यू ओपीडी ब्लॉक के रेडियोलॉजी विभाग में डिजिटल सब स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी मशीन स्थापित की गई है। मशीन का उपयोग ब्रेन स्ट्रोक, कैंसर, फेफड़े, आंत, गर्भाश्य और गुर्दे के रक्तस्त्राव जैसे विकारों का निदान और उपचार के लिए होगा। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि डीएसए मशीन पर टेस्ट का बेसिक रेट पांच हजार रुपये है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीमारी के निदान में स्टेंट या उपकरण लगेंगे तो खर्चा और बढ़ सकता है।